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Jharkhand Result: BJP में आए 'बाहरी' नेताओं को जनता ने नहीं किया स्वीकार, सिर्फ चंपई सोरेन की बची लाज; नेता विपक्ष भी हारे

Jharkhand Result: बीजेपी के कई दिग्गज झारखंड में अपनी सीट बचाने में कामयाब नहीं रहे हैं, जिसमें नेता प्रतिपक्ष से लेकर बड़े दलबदलूओं तक के नाम शामिल हैं। सीता सोरेन से लेकर चंपई सोरेन के बेटे तक चुनाव हार गए हैं।

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जेएमएम छोड़कर बीजेपी में आई थी हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • अर्जुन मुंडा की पत्नी हारी
  • अमर कुमार बाउरी भी हारे
  • चंपई सोरेन का बेटा भी हारा

Jharkhand Result: झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों से बीजेपी को तो बड़ा झटका लगा ही है, साथ ही उन दलबदलूओं को भी झटका लगा है, जो चुनाव से पहले पाला बदलकर बीजेपी में शामिल हुए थे। बीजेपी में दूसरी पार्टियों ने आए नेताओं को बड़ी हार मिली है। अकेले चंपई सोरेन सिर्फ अपनी सीट बचा पाए हैं, वो भी सिर्फ अपनी, चंपई अपने बेटे को भी नहीं जीता पाए।

बीजेपी में आए दलबदलूओं का हाल

झामुमो-कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं में एकमात्र चंपई सोरेन अपनी सीट बचाने में सफल रहे, जबकि सीता सोरेन, गीता कोड़ा और लोबिन हेंब्रम चुनाव हार गए हैं। चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन भी घाटशिला सीट से चुनाव हार गए हैं।

बीजेपी में दिग्गजों के परिवार का हाल

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा पोटका सीट पर चुनाव हार गईं। पूर्व सीएम और ओडिशा के राज्यपाल रघुवर दास की बहू पूर्णिमा साहू ने जमशेदपुर पूर्वी सीट पर जीत दर्ज की है। उन्होंने यहा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ अजय कुमार को पराजित किया है।

झारखंड नेता प्रतिपक्ष हारे

चंदनकियारी सीट पर विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष भाजपा के प्रत्याशी अमर कुमार बाउरी भी न सिर्फ चुनाव हार गए हैं, बल्कि तीसरे नंबर पर चले गए। यहां झामुमो के उमाकांत रजक ने जीत दर्ज की है।

आदिवासी इलाकों में बीजेपी को मिली बड़ी हार

भारतीय जनता पार्टी को इस बार भी अनुसूचित जनजाति यानी आदिवासी के लिए सुरक्षित सीटों पर जबरदस्त शिकस्त मिली है। ऐसी कुल 28 सीटों में से मात्र एक सरायकेला की सीट भाजपा के हिस्से आई है, जहां पूर्व सीएम चंपई सोरेन ने जीत हासिल की है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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