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जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव: पहले चरण में शांतिपूर्ण मतदान, 59 प्रतिशत वोट पड़े

Jammu and Kashmir Assembly Polls: जम्मू-कश्मीर की 90 में से 24 विधानसभा सीट पर आज पहले चरण में मतदान हुआ। इनमें से 16 सीट कश्मीर घाटी और आठ जम्मू क्षेत्र की हैं। शाम 6 बजे तक इन सीटों पर 59% मतदान हुआ।

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जम्मू-कश्मीर चुनाव।

Photo : Twitter

Jammu and Kashmir Assembly Polls: जम्मू-कश्मीर में बुधवार को पहले चरण का विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण रहा और करीब 59 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। अनुच्छेद-370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में हो रहे पहले विधानसभा चुनाव में पहले चरण में कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी पीके पोले ने कहा कि यह जम्मू-कश्मीर में पिछले सात लोकसभा चुनावों और विधानसभा चुनावों में सर्वाधिक मतदान है।

उन्होंने कहा कि वैसे यह आंकड़ा अंतरिम है और सुदूर क्षेत्रों तथा डाक मतपत्रों से मतदान के संबंध में अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद इसमें वृद्धि हो सकती है। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ। मतदान केंद्रों पर पुरुष, महिला, युवा, बुजुर्ग और यहां तक कि मुश्किल से चल-फिर पा रहे मतदाता धैर्य से वोट डालने की बारी का इंतजार करते नजर आए।

24 सीटों पर हुआ मतदान

जम्मू-कश्मीर की 90 में से 24 विधानसभा सीट पर आज पहले चरण में मतदान हुआ। इनमें से 16 सीट कश्मीर घाटी और आठ जम्मू क्षेत्र की हैं। इस चरण में 23 लाख से अधिक मतदाता मतदान के लिए पात्र थे, जबकि 219 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें 90 निर्दलीय प्रत्याशी भी शामिल हैं। मतदान शुरू होने के दो घंटे बाद सुबह नौ बजे तक 11.11 प्रतिशत वोट पड़े। दोपहर एक बजे तक 26.72 प्रतिशत और दोपहर तीन बजे तक 50.65 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। शाम पांच बजे तक यह आंकड़ा बढ़कर 58.19 प्रतिशत हो गया। छह बजे मतदान समाप्त हो जाने के बाद पोले ने संवाददाताओं से कहा कि मतदान प्रतिशत करीब 59 रहा, जो पिछले सात लोकसभा चुनावों और विधानसभा चुनावों में सबसे अधिक है।

किश्तवाड़ में सबसे अधिक मतदान

चुनाव आयोग के अनुसार, जम्मू कश्मीर के पहले चरण के चुनाव में किश्तवाड़ जिले में सबसे अधिक 77 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि पुलवामा जिले में सबसे कम 46 प्रतिशत मतदान हुआ। चुनाव अधिकारियों को उम्मीद है कि 25 सितंबर और एक अक्टूबर के बाकी दो चरणों में भी उच्च मतदान होगा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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