बिहार विधानसभा चुनाव 2025। तस्वीर-PTI
Bihar Assembly Election 2025: बिहार में इंडिया ब्लॉक में उलझे सीट बंटवारे का असर चुनाव में दिखने जा रहा है। कई सीटों पर कांग्रेस का मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के उम्मीदवारों से होगा। इस हालात को प्रदेश कांग्रेस के कई नेता ठीक नहीं मान रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस के एक नेता ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि जमीनी हकीकत का आकलन करने में उनके शीर्ष नेता असफल रहे हैं। ऐसे लोगों को टिकट दे दिया गया जो इसके उपयुक्त नहीं थे।
कांग्रेस ने बिहार विधानसभा चुनाव में 61 सीट पर चुनाव लड़ने पर सहमति जतायी है, जो पांच साल पहले लड़ी गई सीट से नौ कम हैं। बिहार में विपक्षी गठबंधन के एक नेता ने बताया कि वैशाली, लालगंज, कहलगांव, राजापाकर और रोसड़ा ऐसी विधानसभा सीट हैं जहां कांग्रेस और राजद आमने-सामने होंगे। वहीं, बछवाड़ा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार का मुकाबला भाकपा प्रत्याशी से होगा। स्थिति पर प्रतिक्रिया जताते हुए कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा, 'इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता कि हमारा शीर्ष नेतृत्व जमीनी हालात का आकलन करने में विफल रहा और कई ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दे दिया जो इसके लायक नहीं थे।'
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, 'बरबीघा विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार गजानंद शाही ने 2020 के चुनाव में 200 से भी कम वोट के अंतर से हार झेली थी, फिर भी इस बार उन्हें टिकट नहीं दिया गया।' कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि पार्टी ने इस बार पूर्व विधायक अमित कुमार टुन्ना (रीगा) और जयेश मंगलम सिंह (बगहा) को टिकट दिया है, जबकि दोनों पिछली बार 25,000 से अधिक वोट के अंतर से चुनाव हारे थे। इससे पहले दिन में बिहार की प्रमुख विपक्षी पार्टी राजद ने भी अपने 143 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी।
राजद की सूची जारी होने के साथ इसको लेकर अटकल समाप्त हो गई कि पार्टी बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार राम की सीट कुटुंबा से उम्मीदवार उतार सकती है। ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे पर जारी गतिरोध पर टिप्पणी करते हुए राजद के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, 'इंडिया’ गठबंधन के सहयोगियों को हमारी मजबूरियों को समझना चाहिए। राजद एक ऐसी पार्टी है जो सिर्फ बिहार और इसके आस-पास के राज्यों में चुनाव लड़ती है। हम दक्षिणी या अन्य राज्यों में अपने सहयोगियों से सीट नहीं मांगते। हम बिहार की सबसे बड़ी पार्टी हैं, इसलिए यहां हमें सबसे अधिक सीट पर चुनाव लड़ने का अधिकार है।'
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि 'कुछ सीट पर कांग्रेस, राजद और भाकपा के उम्मीदवार आमने-सामने हैं और कांग्रेस को उन सीट पर अपने उम्मीदवार वापस ले लेने चाहिए।' बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में चुनाव छह और 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर को समाप्त हो चुकी है, वहीं दूसरे चरण के लिए नामांकन सोमवार को समाप्त होगा।
गौरतलब है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने हाल ही में पार्टी के प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया पर असंतोष जताते हुए कहा था, 'उम्मीदवार चयन में कोई समान मानदंड दिखायी नहीं देता। कई उम्मीदवार जिन्होंने पिछली बार कुछ सौ वोट से हार झेली, उन्हें इस बार टिकट नहीं दिया गया, जबकि जिनकी हार भारी अंतर से हुई थी, उन्हें मौका मिला है।' अनवर कटिहार लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा था, 'यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी ने उम्मीदवार तय करने में कौन-से मापदंड अपनाए हैं।'
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