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हरियाणा में कुमारी सैलजा पर बढ़ा सस्पेंस, क्यों साध ली चुप्पी? खट्टर के दावे ने बढ़ाई सरगर्मी

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  • Updated Sep 23, 2024, 10:59 AM IST

कांग्रेस पार्टी ने 12 सितंबर को उम्मीदवारों की सूची जारी की थी, उसके बाद से ही सैलजा प्रचार से दूर हैं। वह दिल्ली में ही मौजूद हैं। इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

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कुमारी सैलजा

Photo : PTI

Kumari Selja: हरियाणा चुनाव के लिए वोटिंग से कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कद्दावर कांग्रेस नेता सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा को लेकर सस्पेंस गहरा गया है कि क्या वह कांग्रेस में बनी रहेंगी। पार्टी हाईकमान की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा को मिल रही तरजीह और एक वरिष्ठ नेता की टिप्पणी को लेकर सैलजा के नाराज होने की खबर हैं। वह अब तक चुनाव प्रचार में सक्रिय नहीं हुई हैं। बताया जा रहा है कि वह दिल्ली में ही अपने आवास पर हैं और सिर्फ समर्थकों से मिल रही हैं। इस बीच बीजेपी नेता व पूर्व सीएम खट्टर के दावों और ऑफर ने सियासी सरगर्मी को और बढ़ा दिया है।

खड़गे की जनसभा पर टिकी नजरें

अब सबकी नजरें सोमवार को अंबाला शहर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा पर टिकी हैं। खड़गे यहां पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के विश्वासपात्र और अंबाला शहर से पार्टी के उम्मीदवार निर्मल सिंह के पक्ष में प्रचार करेंगे। ऐसे में देखने वाली बात यह होगी कि क्या सैलजा इस जनसभा में मौजूद रहती हैं। पार्टी ने 12 सितंबर को उम्मीदवारों की सूची जारी की थी, उसके बाद से ही सैलजा प्रचार से दूर हैं। इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

सैलजा क्यों हैं नाराज?

बताया जा रहा है कि न सिर्फ टिकट वितरण में अनदेखी से सैलजा नाराज हैं, बल्कि कांग्रेस के एक नेता की जातिवादी टिप्पणी ने भी आग में घी का काम किया है। इस मुद्दे ने अब बीजेपी नेताओं को कांग्रेस पर निशाना साधने का मौका दे दिया है। सैलजा को बीजेपी में शामिल होने का खुला ऑफर दिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और अर्जुन राम मेघवाल ने कांग्रेस में सैलजा और उनकी चुप्पी को लेकर कांग्रेस को निशाने पर लिया। खट्टर ने तो खुले तौर पर सैलजा के सामने बीजेपी में शामिल होने की पेशकश कर दी।

बीजेपी की तरफ से कुमारी सैलजा के लिए आए इस ऑफर ने राज्य की सियासी हलचल बढ़ा दी है। सैलजा पिछले एक सप्ताह से पार्टी के प्रचार से दूर हैं। हालांकि, वह अपने घर पर समर्थकों से मिल रही हैं। क्षेत्र में सक्रिय नहीं होने के कारण दलित वोट बैंक की राजनीति करने वाली पार्टियां भी कुमारी सैलजा पर डोरे डाल रही हैं।

खट्टर के दावों और ऑफर से बढ़ा सस्पेंस

कुमारी सैलजा के विधानसभा चुनाव प्रचार से दूरी बनाने की खबरों के बीच केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उनसे बीजेपी में शामिल होने का आह्वान किया है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री खट्टर ने विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की प्रदेश इकाई में कथित अंतर्कलह की ओर भी इशारा किया। खट्टर ने 21 सितंबर को घरौंडा में भाजपा प्रत्याशी हरविंदर कल्याण के पक्ष में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सैलजा से भाजपा में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, हरियाणा कांग्रेस में बहुत ज्यादा अंतर्कलह है और मुख्यमंत्री पद के लिए उनके चेहरे को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। पिता और पुत्र (कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा) के बीच लड़ाई है। पिता कहते हैं कि वह मुख्यमंत्री बनेंगे जबकि बेटा कहता है कि वह मुख्यमंत्री बनेगा। उनके अलावा, अन्य नेताओं की भी इच्छा है।

कहा- बीजेपी में शामिल करने को तैयार

खट्टर ने कहा, हमारी दलित बहन घर पर बैठी है। आज बहुत से लोग सोच रहे हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए। बहुत से लोग उनसे नाराज थे और हमने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल किया। हम पेशकश के साथ तैयार हैं और अगर वह आती हैं तो हम उन्हें पार्टी में शामिल करने के लिए तैयार हैं। जब मीडिया ने बाद में पूर्व मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या कुमारी सैलजा बीजेपी में शामिल होंगी तो उन्होंने कहा, यह संभावनाओं की दुनिया है और संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता है, इसलिए जब सही वक्त आयेगा तो सबकुछ पता चल जाएगा।

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