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Haryana Election: हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग आज, 90 सीटों पर 1027 उम्मीदवारों की किस्मत का होगा फैसला

Haryana Assembly Election: हरियाणा में 2,03,54,350 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं, जिनमें 8,821 मतदाता सौ वर्ष से अधिक उम्र के हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, कुल 1,031 उम्मीदवार 90 सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं जिनमें 101 महिलाएं हैं। इन उम्मीदवारों में 464 निर्दलीय लड़ रहे हैं।

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हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024

Photo : Times Now Digital

Haryana Assembly Election: हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों के लिए मतदान शनिवार को होगा। इन 90 विधानसभा सीटों पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुडा, कांग्रेस प्रत्याशी विनेश फोगाट और जजपा के दुष्यंत चौटाला जैसें 1027 अन्य उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला राज्य की जनता करेगी। मतगणना आठ अक्टूबर को होगी।

बता दें, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार तीसरी बार राज्य की सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस एक दशक के बाद सरकार में वापसी की उम्मीद कर रही है। इस बार के समीकरणों को देखें तो कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधी लड़ाई है। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने भी यहां सभी 90 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। उधर, जजपा और आजाद समाज पार्टी के बीच गठबंधन हुआ है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों के वोट बैंक में बड़ी घुसपैठ हो सकती है।

दो करोड़ से ज्यादा मतदाता करेंगे मुतदान

हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंकज अग्रवाल ने बताया कि 2,03,54,350 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं जिनमें 8,821 मतदाता सौ वर्ष से अधिक उम्र के हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, कुल 1,031 उम्मीदवार 90 सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं जिनमें 101 महिलाएं हैं। इन उम्मीदवारों में 464 निर्दलीय लड़ रहे हैं। चुनाव अधिकारी पंकज अग्रवाल ने बताया कि मतदान के लिए कुल 20,632 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव में किस्मत आजमा रहे प्रमुख दलों में भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो)-बहुजन समाज पार्टी (बसपा) गठबंधन और जननायक जनता पार्टी (जजपा)-आजाद समाज पार्टी (आसपा) गठबंधन हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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