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Gujarat Election 2022:पहला चरण बन जाता है निर्णायक, गुजरात के VIP सीटों से समझे राज्य का गणित

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Dec 1, 2022, 06:05 PM IST

Gujarat Election 2022: पहले चरण के चुनाव में राजकोट, द्वारका, सोमनाथ, मोरबी, पोरबंदर, जूनागढ़, अमरेली, नर्मदा, भरूच आदि प्रमुख जिलों की सीटें शामिल हैं। 19 जिलों में होने वाली वोटिंग में भाजपा के लिए सौराष्ट्र और कच्छ के क्षेत्र सबसे बड़े चुनौती हैं।

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गुजरात चुनाव पहले चरण में 89 सीटों पर वोटिंग

Photo : PTI
KEY HIGHLIGHTS
  • पिछली बार सौराष्ट्र-कच्छ में कांग्रेस भाजपा पर भारी पड़ गई थी।
  • भाजपा के लिए दक्षिण गुजरात की वोटिंग बेहद अहम है। पिछली बार उसे 35 सीटों में से 27 पर भाजपा ने जीत मिली थी।
  • पहले चरण में भाजपा और कांग्रेस के 89-89 और आप के 88 उम्मीदवार मैदान में हैं।

Gujarat Election 2022: गुजरात विधान सभा चुनाव के पहले चरण की 89 सीटों पर वोटिंग हो गई है। ये वो इलाके हैं जहां 2017 के विधानसभा चुनावों में पाटीदार आंदोलन का असर था। सौराष्ट्र-कच्छ में कुल 54 सीटें हैं। जबकि बाकी 35 सीटें दक्षिण गुजरात की हैं। पहले चरण के चुनाव में राजकोट, द्वारका, सोमनाथ, मोरबी, पोरबंदर, जूनागढ़, अमरेली, नर्मदा, भरूच आदि प्रमुख जिलों की सीटें शामिल हैं। 19 जिलों में होने वाली वोटिंग में भाजपा के लिए सौराष्ट्र और कच्छ के क्षेत्र सबसे बड़े चुनौती हैं। क्योंकि पिछली बार 2017 में भी भाजपा को इन इलाकों में कांग्रेस से कांटे की टक्कर मिली थी। और इस चरण की खासियत ऐसी रही है कि हर बड़ी जनता सरकार की दिशा तय कर देती है।

पहले क्या रहा रिकॉर्ड

2017 में पार्टियों का हाल देखा जाय तो यहां 68 फीसदी वोटिंग हुई थी। और भाजपा को 89 सीटों में से 48 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि कांग्रेस को 39 सीटों पर जीत मिली थी। पिछली बार सौराष्ट्र-कच्छ में कांग्रेस भाजपा पर भारी पड़ गई थी। इस दौरान 65 में से 28 पर जीत मिली थी, जबकि बीजेपी को 20 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था। इसका असर यह हुआ कि भाजपा के लिए बहुमत की राह मुश्किल हो गई थी। पिछले चुनाव में भाजपा को बची 93 सीटों में 51 पर जीत हासिल हुई थी। और 2002 में सत्ता में आने के बाद भाजपा के लिए पहली बार हुआ था कि उसे 100 सीटों से कम सीट मिली थीं। उस वक्त भाजपा को 99 सीटें मिली थीं।

इसीलिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का इस बार इस इलाके में सबसे ज्यादा जोर है। और यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद गुजरात में डेरा डाले हुए हैं। और भाजपा का पूरी कोशिश है कि पहले चरण में ज्यादा से ज्यादा सीटें हासिल की जाएं। भाजपा के लिए पहले चरण में दक्षिण गुजरात की वोटिंग बेहद अहम है। पिछली बार उसे 35 सीटों में से 27 पर भाजपा ने जीत मिली थी।

पहले चरण की वीआईपी सीटें

पहले चरण में पूर्व मंत्री पुरुषोत्तम सोलंकी,आप के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार इसुदान गढ़वी, क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी रीवाबा, मोरबी हादसे में नायक बन उभरे कांतिलाल अमृतिया प्रमुख उम्मीदवार हैं। इन वीआईपी उम्मीदवारों पर सबकी नजरें रहेंगी। इसके अलावा द्वारका, गिर सोमनाथ, अमरेली, नर्मदा, डांग आदि जिलों में भाजपा के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती है।

त्रिकोणीय मुकाबले का कितना असर

पहले चरण में भाजपा और कांग्रेस के 89-89 और आप के 88 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने पहले चरण में 57, भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) ने 14 सीटों पर उम्मीदवारों उतारे हैं। समाजवादी पार्टी, माकपा के भी उम्मीदवार मैदान में हैं। लेकिन मेन लड़ाई भाजपा, कांग्रेस और आप में हैं। भाजपा ने जहां नरेंद्र मोदी और विकास को मुद्दा बनाया है। वहीं आम आदमी पार्टी ने दिल्ली मॉडल से लुभाने की कोशिश की है। हालांकि आखिर दौर में गुजरात दंगे, बाटला हाउस और आतंकवाद जैसे मुद्दे वोटरों को लुभाने का हथियार बने। अब देखना है कि गुजरात की जनता किस पर भरोसा करती है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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