गुजरात में पहले चरण का मतदान समाप्त हो चुका है। इस चरण में कुल 60.2 प्रतिशत वोटिंग हुई है। पिछली बार की तुलना में इस बार मतदाताओं में उत्साह कम दिखने को मिला है। 2017 से इस बार आठ प्रतिशत कम मतदान हुआ है। 2017 में 89 सीटों पर 68 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।
काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा चुनाव
कच्छ, सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के 19 जिलों के 89 विधानसभा क्षेत्रों में गुरुवार को वोटिंग हुई है। इस चरण में 788 उम्मीदवार मैदान में थे। शाम पांच बजे तक 57 फीसदी मतदाता वोट डालने पहुंचे थे। कुछ छोटी-मोटी घटनाओं और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) में गड़बड़ी की कुछ खबरों के अलावा, मतदान प्रक्रिया काफी हद तक शांतिपूर्ण रही।
कुछ जगहों पर हंगामा
आज चुनावी हिंसा की एक घटना में, वंसदा निर्वाचन क्षेत्र से एक भाजपा उम्मीदवार पीयूष पटेल पर झारी गांव में कथित रूप से हमला किया गया। नवसारी के एसपी गिरीश पंड्या ने कहा कि इस घटना में करीब 5 वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। हमले में पटेल को चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जूनागढ़ में महंगाई के विरोध में कंधे पर गैस सिलेंडर लेकर मतदान केंद्र की ओर चल रहे एक कांग्रेसी नेता को पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो हंगामा हो गया। ऐसा विरोध कई अन्य जगहों पर भी देखा गया है।
यहां बहिष्कार
चुनाव आयोग ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि जामनगर जिले के धराफा, नर्मदा जिले के सामोट और भरूच जिले के केसर के गांवों ने चुनाव का पूरी तरह से बहिष्कार किया। धराफा के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार इसलिए किया क्योंकि पुरुष और महिला मतदाताओं के लिए अलग मतदान केंद्र की उनकी मांग पूरी नहीं हुई। इसी तरह केसर गांव में मतदान के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण वोटिंग का बहिष्कार किया गया।
