West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गईं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और कांग्रेस समेत सभी पार्टियां अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। इस बीच, टाइम्स नाउ नवभारत पश्चिम बंगाल की चुनावी यात्रा पर है, जहां पर टाइम्स नाउ नवभारत की एंकर श्वेता भट्टाचार्य राजनीतिक दलों की नस टटोलेंगी और जानेंगी कि आखिर जनता के मन में क्या है।
बंगाल चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का 'मंदिर मॉडल' काफी चर्चा में है, जिसके तहत दीघा में जगन्नाथ मंदिर, सिलीगुड़ी में महाकाल मंदिर और दुर्गा आंगन जैसी परियोजनाओं का ऐलान किया गया था। ऐसे में क्या यह बंगाल चुनाव में असर डालेंगे या महज हिंदू वोट बैंक साधने की एक कवायद है।
क्या दीदी के साथ होगा खेला?
कोलकाता में मंदिर का दर्शन करने जा रहीं महिलाओं का कहना है कि लग रहा है इस बार मोदी आएंगे। दीदी तो इस बार 'दिल' से दूर हो गई हैं। स्थानीयों का कहना है कि वे इन मंदिरों के निर्माण के पीछे के उद्देश्य को समझते हैं और उन्हें केवल मंदिर नहीं, बल्कि नौकरी और वास्तविक विकास चाहिए। 'खेला होबे' के सवाल पर स्थानीयों ने कहा कि दीदी को मन से ही उतार दिया है, वोट तो बहुत दूर की बात है।
यहां देखें पूरी रिपोर्ट:
चुनावी यात्रा में बंगाल की युवा पीढ़ी में बेरोजगारी को लेकर गहरा असंतोष दिखाई दिया। लोगों का कहना है कि राज्य में 'नौकरी चोरी' और भर्ती घोटाले हो रहे हैं। शिक्षित होने के बावजूद युवाओं के पास काम नहीं है और वे नौकरी की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हैं।
स्थानीयों का मानना है कि इस बार के चुनाव में RG कर का मुद्दा छाया रहेगा। राज्य में नारी सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। साथ ही जनता महिला सुरक्षा के अलावा रोहिंग्याओं के बसने और बाहरी लोगों के आने के मुद्दे को राज्य के हित में सही नहीं मानती है।
बंगाल में कब होगा मतदान?
सनद रहे कि चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में चुनाव संपन्न होंगे। पहले चरण की 152 सीटों के लिए 23 अप्रैल को, जबकि 142 सीटों के लिए 29 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं, वोटों की गिनती 4 मई की जाएगी।
