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पांचों चुनावी राज्यों का एग्जिट पोल: राजस्थान में नहीं बदलेगा रिवाज! दो राज्यों में कांग्रेस की बल्ले-बल्ले, लेकिन यहां सस्पेंस बरकरार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Nov 30, 2023, 07:46 PM IST

Exit Poll 2023: राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और मिजोरम के एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आ चुके हैं। एग्जिट पोल्स के नतीजों में यह भी साफ हो चुका है कि किस राज्य में किस पार्टी की सरकार बन रही है। आइए देखते हैं किस राज्य में कौन सी सरकार बन रही है।

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पांच राज्यों के एग्जिट पोल

Photo : Times Now Digital

Exit Poll 2023: विधानसभा चुनावों के तहत पांच राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और मिजोरम में मतदान सम्पन्न हो चुका है। सभी राज्यों में वोटिंग खत्म होने के साथ ही मतदाताओं की नजर अब राज्य में बनने वाली सरकार पर है। इसका पता 3 दिसंबर को मतगणना के बाद ही लगेगा, जब चुनाव आयोग अंतिम नतीजे जारी करेगा।

हालांकि, इससे पहले आज जारी हुए एग्जिट पोल्स ने काफी हद तक स्पष्ट कर दिया है कि किस राज्य में कौन सी पार्टी की सरकार बनती दिख रही है। चुनावी रुख को देखें तो राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर रही है। चुनावी पंडितों को भी इन राज्यों में सटीक आंकड़ों का पता लगाने में काफी माथापच्ची करनी पड़ी है। वहीं तेलंगाना में भाजपा के जबरदस्त प्रचार ने मुकाबले को काफी हद तक त्रिकोणीय बना दिया है। मिजोरम की बात करें तो मिजो नेशनल फ्रंट और कांग्रेस के बीच लड़ाई रही है।

अब राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और मिजोरम के एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आ चुके हैं। एग्जिट पोल्स के नतीजों में यह भी साफ हो चुका है कि किस राज्य में किस पार्टी की सरकार बन रही है। हालांकि, सटीक नतीजे चुनाव आयोग 3 दिसंबर को ही जारी करेगा। आइए देखते हैं किस राज्य में कौन सी सरकार बन रही है।

राजस्थान के एग्जिट पोल

राजस्थान में 200 विधानसभा सीटों में 199 सीटों पर मतदान हुआ था। देखें एग्जिट पोल्स का अनुमान-

टाइम्स नाउ-ईटीजी

भाजपा- 108-128

कांग्रेस - 56- 72

अन्य- 13-21

जन की बात

भाजपा- 100- 122

कांग्रेस- 62-85

अन्य - 14-15

टीवी9 पोलस्ट्रैट

भाजपा- 100-110

कांग्रेस- 90-100

अन्य - 5-15

मध्य प्रदेश के एग्जिट पोल

मध्य प्रदेश में 230 सीटों पर मतदान हुआ था। देखें एग्जिट पोल्स का अनुमान-

टाइम्स नाउ-ईटीजी

भाजपा-105-117

कांग्रेस - 109-125

अन्य-1-5

जन की बात

भाजपा- 100- 123

कांग्रेस- 102-125

अन्य - 0-5

टीवी9 पोलस्ट्रैट

भाजपा- 106-116

कांग्रेस- 111-121

अन्य - 0-6

छत्तीसगढ़ के एग्जिट पोल

छत्तीसगढ़ में 90 सीटों पर मतदान हुआ था। देखें एग्जिट पोल्स का अनुमान-

टाइम्स नाउ-ईटीजी

भाजपा-32-40

कांग्रेस -48-56

अन्य-2-4

जन की बात

कांग्रेस- 42-53

भाजपा- 34-45

अन्य - 0-3

टीवी9 पोलस्ट्रैट

भाजपा- 35-45

कांग्रेस- 40-50

अन्य - 0-3

सी-वोटर

भाजपा- 36-38

कांग्रेस- 41-53

अन्य- 0-4

तेलंगाना के एग्जिट पोल

तेलंगाना में 119 सीटों पर मतदान हुआ था। देखें एग्जिट पोल्स का अनुमान-

टाइम्स नाउ-ईटीजी

बीआरएस- 37-45

कांग्रेस -60-70

भाजपा-6-8

जन की बात

बीआरएस - 40-45

कांग्रेस- 48-64

भाजपा- 7-13

सीएनएक्स

बीआरएस - 31-47

कांग्रेस- 63-79

भाजपा- 2-4

मिजोरम के एग्जिट पोल

मिजोरम में 40 सीटों पर मतदान हुआ था। देखें एग्जिट पोल्स का अनुमान-

टाइम्स नाउ ईटीजी

एमएनएफ- 14-18

कांग्रेस- 9-13

भाजपा- 0-2

जन की बात

एमएनएफ- 10-14

कांग्रेस- 5-9

जेपीएम- 15-25

भाजपा- 0-2

इंडिया टीवी सीएनएक्स

एमएनएफ- 14-18

कांग्रेस- 8-10

भाजपा- 0-2

जेपीएम- 12-16

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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