One Nation One Elections Benefits: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय समिति ने लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के एक साथ चुनाव कराने की व्यवहार्यता पर बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। उच्च स्तरीय कमेटी के मुताबिक एक देश एक चुनाव के कई फायदे हैं। आपको उन फायदों से रूबरू करवाते हैं, जिनका जिक्र रिपोर्ट में किया गया है।
उच्च स्तरीय कमेटी के मुताबिक एक देश एक चुनाव के फायदे
1. बार-बार होने वाले चुनाव से आम मतदाताओं के बीच वोटिंग को लेकर होने वाली उदासीनता दूर होगी। एक बार वोट देकर सभी प्रतिनिधियों को चुन लेने में सुविधा भी ज्यादा रहेगी।
2. साथ-साथ चुनाव कराने से ऊंची आर्थिक वृद्धि और स्थिरता आएगी। अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
3. व्यवसायी को डर रहता है कि सरकार बदलने के डर से किसी नीतिगत बदलाव की आशंका के बिना अपने व्यवसाय से संबंधित फैसले ले सकेंगे।
4. एक साथ चुनाव कराने से देश भर में काम कर रहे श्रमिकों के वोट डालने के लिए काम छोड़कर वापस नहीं होगा। श्रमिकों की आवाजाही से होने वाले उत्पादन के नुकसान को कम किया जा सकेगा।
5. समकालिक चुनाव से सरकार चलाने पर ज्यादा ध्यान जायेगा और बार बार नीतियों और योजनाओं में होने वाले बदलाव को रोका जा सकेगा।
6. समकालिक चुनाव सरकारी खजाने पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को कम करेगा क्योंकि इससे बार-बार चुनाव पर होने वाले खर्च से बचा जा सकेगा।
7. चुनावी कैलेंडर में तालमेल का अर्थ होगा सुशासन के लिए अधिक समय उपलब्ध होना और नागरिकों के लिए निर्बाध सार्वजनिक सेवाएं सुनिश्चित करना।
8. समकालिक चुनावों से चुनाव के दौरान होने वाली हिंसा और अपराध में बेहद कमी आएगी।
9. एक बार में चुनाव होने से सरकारी कर्मचारियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और सुरक्षाबलों का समय और ऊर्जा बचेगी।
10. हर पांच साल में एक बार चुनाव होने से सामाजिक तालमेल बढ़ेगा और चुनाव के दौरान अक्सर होने वाले अनावश्यक संघर्षों में कमी आएगी।
एक देश एक चुनाव यानी कि समकालिक चुनाव पर बनी कमेटी की सिफारिश के मुताबिक यदि इसे लागू किया गया तो 2024 के चुनाव के बाद जब लोकसभा की पहली बैठक होगी उसी वक्त एक देश एक चुनाव लागू हो जाएगा। 2024 के बाद जितने भी विधानसभा चुनाव होंगे उनका कार्यकाल 2029 में खत्म हो जाएगा।

कोविंद समिति ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर सौंपी रिपोर्ट।
कोविंद समिति ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर रिपोर्ट सौंपी
एक बयान में कहा गया है कि समिति ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 18,626 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी। बयान में कहा गया है कि यह रिपोर्ट दो सितंबर 2023 को समिति गठन के बाद से हितधारकों, विशेषज्ञों के साथ व्यापक परामर्श और 191 दिनों के शोध कार्य के बाद तैयार की गई है।
समिति ने कहा है कि पहले चरण में लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं, जिसके बाद 100 दिन के अंदर दूसरे चरण में स्थानीय निकायों के चुनाव कराए जा सकते हैं।
