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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: अजित पवार की NCP ने दिल्ली के दंगल में की एंट्री, जारी की 11 उम्मीदवारों की पहली सूची

Delhi Chunav 2025: अजित पवार की पार्टी ने अगले साल दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अपनी कमर कस ली है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। राकांपा ने दिल्ली चुनाव के लिए 11 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। आपको बताते हैं, किसे कहां से टिकट मिला है।

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एनसीपी ने दिल्ली चुनाव के लिए 11 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की।

Delhi Assembly Election: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए सियासी उठापटक का दौर तेज हो चुका है। इस बीच एनडीए के सहयोगी दल ने दिल्ली में भाजपा के खिलाफ ही चुना लड़ने का प्लान बना लिया है। यहां बात महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शरद पवार के भतीजे अजित पवार की हो रही है। उनकी पार्टी ने दिल्ली के चुनावी दंगल में दो-दो हाथ करने का मन बना लिया है। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने दिल्ली विधानसभा के आगामी चुनाव के लिए शनिवार को 11 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी।

एनसीपी ने किस सीट से किसे बनाया अपना उम्मीदवार?

अजित पवार की पार्टी ने बादली से मुलायम सिंह को दिल्ली कांग्रेस प्रमुख देवेंद्र यादव के खिलाफ टिकट दिया है। राकांपा ने बुराड़ी से रतन त्यागी, चांदनी चौक से खालिद उर रहमान, बल्ली मारन से मोहम्मद हारुन और ओखला से इमरान सैफी को मैदान में उतारा है।

NCP Candidates List for Delhi Elections.

एनसीपी ने दिल्ली चुनाव के लिए जारी की पहली सूची।

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने कितने उम्मीदवार उतारे?

छतरपुर से नरेंद्र तंवर, लक्ष्मी नगर से नमहा, गोकुलपुरी से जगदीश भगत, मंगोलपुरी से खेम चंद, सीमापुरी से राजेश लोहिया और संगम विहार से कमर अहमद को प्रत्याशी बनाया है। दिल्ली विधानसभा के लिए चुनाव अगले वर्ष फरवरी में होने की उम्मीद है। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने सभी 70 सीट के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, जबकि कांग्रेस ने अब तक 47 सीट के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की है।

आज ही के दिन पहली बात सत्ता में आए थे केजरीवाल

देश की राजधानी दिल्ली के चुनावी इतिहास में 28 दिसंबर की तारीख एक बड़े सियासी उलटफेर के साथ दर्ज है। इसी दिन आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस की मदद से दिल्ली में पहली बार सरकार बनाई थी। अन्ना हजारे का भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन छोड़कर राजनीति में आए केजरीवाल के नेतृत्व में 2013 में चुनावी समर में उतरी आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई और 28 सीट जीतकर सारे राजनीतिक विश्लेषकों के अनुमानों को गलत साबित कर दिया। इस चुनाव में आठ सीट जीतने वाली कांग्रेस ने भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) को सत्ता से दूर रखने के लिए आम आदमी पार्टी को बिना शर्त समर्थन देकर उसकी सरकार बनाने का रास्ता साफ कर दिया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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