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Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का कब होगा ऐलान? निर्वाचन आयोग ने तैयारियों की समीक्षा की

Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: निर्वाचन आयोग ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। अगले साल की शुरूआत में राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस वहीं दिल्ली चुनाव को लेकर भाजपा ने अमित शाह के कार्यालय में कोर ग्रुप की बैठक की। आपको बताते हैं, इसमें क्या कुछ हुआ।

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चुनाव आयोग

Delhi Assembly Elections: दिल्ली विधानसभा के लिए अगले साल की शुरुआत में होने वाले चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग (ईसी) ने बुधवार सुबह यहां मध्य दिल्ली में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की। नयी दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)की सांसद बांसुरी स्वराज, आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा और पार्टी के नेता जास्मीन शाह ने इस बैठक में हिस्सा लिया।

आधे घंटे तक चली बैठक, कई विषयों पर हुई चर्चा

निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि बैठक करीब आधे घंटे तक चली और इसमें कई विषयों पर चर्चा हुई। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव के वास्ते चुनावी तैयारियों की भी समीक्षा की। निर्वाचन आयोग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’पर जारी पोस्ट में कहा, ‘‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और डॉ. संधू के साथ आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बैठक वर्तमान में चल रही है। इससे पहले दिन में, आयोग ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।’’

सूत्रों ने पहले बताया था कि निर्वाचन आयोग बुधवार को दिल्ली में अपने चुनाव तंत्र की तैयारियों की समीक्षा करेगा, जहां अगले साल की शुरूआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल का अगले साल 23 फरवरी को समाप्त हो रहा है। उससे पहले विधानसभा चुनाव होने हैं।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने की बैठक

भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को संसद भवन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय में दिल्ली चुनाव को लेकर कोर ग्रुप की बैठक की। बैठक में पार्टी के चुनाव प्रभारी बैजयंत पांडा, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और राष्ट्रीय राजधानी के कुछ सांसद मौजूद हैं। दिल्ली में विधानसभा चुनाव 2025 की शुरुआत में होने की उम्मीद है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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