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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: अब तक कितने उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन? जानें हर छोटी बड़ी बात

Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अब तक 841 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किये। इसी बीच इस बार के चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए एमसीडी ने छूट की घोषणा की है। आपको 5 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव से जुड़ी हर छोटी बड़ी बातें बताते हैं।

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दिल्ली चुनाव 2025

Photo : iStock

Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 16 जनवरी, 2025 (बृहस्पतिवार) को 500 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए, जिससे 70 विधानसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवारों की कुल संख्या 841 हो गई है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन (सीईओ) अधिकारी ने यह जानकारी दी।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अब तक 841 उम्मीदवारों का नामांकन

नामांकन दाखिल करने वालों में आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री शामिल हैं। मनीष सिसोदिया ने जंगपुरा निर्वाचन क्षेत्र से, गोपाल राय ने बाबरपुर से और सौरभ भारद्वाज ने ग्रेटर कैलाश क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित नयी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया, जहां वह ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को चुनौती देंगे।

‘आप’ के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन ने मुस्तफाबाद सीट से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

एमसीडी ने दिल्ली में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए छूट की घोषणा की

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए करोल बाग और रोहिणी जोन में अभिनव पहल शुरू की है। दोनों जोन ने मतदाताओं के लिए विशेष छूट की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य लोगों को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करना है। करोल बाग जोन में 500 से अधिक अतिथिगृह, 30 रेस्तरां और 32 मिठाई की दुकानों ने "डेमोक्रेसी डिस्काउंट" शुरू की है। इसके तहत वोट डालने वालों को 15 से 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

करोल बाग जोन के जन स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से शुरू की गई इस पहल के तहत मतदाताओं को अपनी तर्जनी उंगली पर अमिट स्याही का निशान दिखाकर मतदान का प्रमाण दिखाना होगा। करोल बाग जोन के उपायुक्त अभिषेक कुमार मिश्रा ने इस पहल के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "मतदान लोकतंत्र की आधारशिला है। 'डेमोक्रेसी डिस्काउंट' के साथ, हम अधिक लोगों को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने और अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए प्रेरित करने की उम्मीद करते हैं। हर वोट मायने रखता है और यह पहल मतदाताओं को उनकी प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद देने का हमारा तरीका है।"

इसी प्रकार रोहिणी जोन ने अपने क्षेत्राधिकार में चुनिंदा खान-पान प्रतिष्ठानों, अतिथिगृहों और सिनेमाघरों में मतदाताओं के लिए 25 प्रतिशत की छूट की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को भी लक्षित करना है। वे अपनी उंगली पर स्याही का निशान दिखाकर छूट का लाभ उठा सकते हैं। रोहिणी जोन में करीब 29 प्रतिष्ठान यह छूट प्रदान करेंगे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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