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AIMIM और 'आप' में कोई अंतर नहीं, दोनों की फितरत एक; BJP नेता गौरव वल्लभ का बड़ा बयान

Delhi Election 2025: दिल्ली दंगे के आरोपी शफी उर रहमान को ओखला सीट से AIMIM ने दिया टिकट है। इस पर BJP नेता गौरव वल्लभ ने कहा कि एआईएमआईएम और आम आदमी पार्टी (AAP) में कोई अंतर नहीं है।

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BJP नेता गौरव वल्लभ ने AIMIM और आम आदमी पार्टी पर साधा निशाना

Photo : ANI

Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली दंगे के आरोपी शफी उर रहमान को ओखला सीट से एआईएमआईएम (AIMIM) ने दिया टिकट है। इस पर भारतीय जनता पार्टी नेता गौरव वल्लभ ने कहा कि एआईएमआईएम और आम आदमी पार्टी (AAP) में कोई अंतर नहीं है। दोनों की फितरत एक जैसी है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले में जेल में रह चुके हैं, और उनके उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी इसी घोटाले में जेल गए थे। एआईएमआईएम के उम्मीदवारों के खिलाफ दंगे फैलाने के आरोप हैं, और कई ऐसे लोग हैं जो जेल में रह चुके हैं या जिनके खिलाफ मामले चल रहे हैं। इन पार्टियों का चुनावी मैदान में उम्मीदवार चुनने का तरीका भी यही है। सजायाफ्ता लोग, जिनके खिलाफ केस चल रहे हैं या जो बेल पर बाहर हैं। अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी दोनों बेल पर बाहर हैं।

AIMIM और आप कर रही नफरत फैलाने का काम- गौरव वल्लभ

एआईएमआईएम और आम आदमी पार्टी इस प्रकार के लोगों को एक साथ लाकर देश और समाज में नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं। हम दिल्ली के सभी नागरिकों से अपील करेंगे कि ऐसे उम्मीदवारों को न चुनें, जिन्होंने दिल्ली में दंगे भड़काए और जिनके खिलाफ दंगे फैलाने के आरोप हैं। पांच फरवरी को भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों को वोट देकर जीत दिलाएं।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के दिल्ली में स्मारक बनाने के बारे में उन्होंने कहा कि यह एक बेहतरीन कदम है। हमारे पूर्व राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का स्मारक बनना देश के लिए गर्व की बात है। हर भारतीय यह मानता है कि जो भी भारत का राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रहा, उसने देश के विकास में योगदान दिया। मोदी जी और भाजपा सरकार ने प्रणब मुखर्जी के योगदान को सम्मानित करते हुए उनके लिए स्मारक बनाने का निर्णय लिया है, हम इसका स्वागत करते हैं। यह सराहनीय कदम है, क्योंकि कुछ योगदान इतने महत्वपूर्ण होते हैं कि उन्हें हमेशा याद रखा जाना चाहिए। हम वह लोग नहीं हैं, जिन्होंने प्रणब मुखर्जी के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में रखने से मना किया था। हम वे लोग नहीं हैं, जिन्होंने पीवी नरसिम्हा राव का सम्मान नहीं किया और उन्हें दिल्ली में स्थान नहीं दिया। हम सभी महापुरुषों का सम्मान करते हैं और उनका योगदान मानते हैं।

कांग्रेस नेता दानिश अली के आरएसएस के प्रति प्रणब मुखर्जी के लगाव को लेकर द‍िए बयान पर उन्होंने कहा कि दानिश अली को यह नहीं पता कि प्रणब मुखर्जी देश के वित्त मंत्री और रक्षा मंत्री रहे, जब यूपीए की सरकार थी और तब दानिश अली तो कहीं सिस्टम में थे भी नहीं। प्रणब मुखर्जी का आरएसएस से प्यार बताना, यह उनकी छोटी मानसिकता को दर्शाता है। आप देश से घृणा करते हैं। जो व्यक्ति देश का नेतृत्व करता है, चाहे वह राष्ट्रपति हो या प्रधानमंत्री, आप उनसे घृणा करते हैं। यह आपके देश विरोधी रवैए को दर्शाता है। मैं दानिश अली से अनुरोध करूंगा कि वे अपने नेता राहुल गांधी से पूछें कि क्या प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी भी यही मानते हैं कि प्रणब मुखर्जी और पीवी नरसिम्हा राव आरएसएस के थे? यह दान‍िश अली की छोटी मानसिकता को दिखाता है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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