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Haryana: चुनावी नतीजों से पहले आया दीपेंद्र हुड्डा का बड़ा बयान, कौन बनेगा CM? दिया इस सवाल का जवाब

Haryana Assembly Elections 2024: हरियाणा में किस पार्टी की सरकार बनेगी? यदि कांग्रेस सत्ता में आई तो कौन मुख्यमंत्री बनेगा? इस सवाल का जवाब फिलहाल दे पाना तो बेहद मुश्किल है, लेकिन सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने बड़ा दावा करते हुए ये कहा है कि हम हरियाणा में भारी बहुमत से सरकार बना रहे हैं।

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कौन बनेगा हरियाणा का अगला सीएम?

Who will be Next CM of Haryana: कौन बनेगा हरियाणा का अगला मुख्यमंत्री? सवाल का जवाब फिलहाल दे पाना तो मुश्किल है, लेकिन दीपेंद्र हुड्डा ने चुनावी नतीजों से पहले इस सवाल का जवाब दिया है कि यदि कांग्रेस की सरकार बनती है तो कौन सूबे का मुख्यमंत्री बनेगा। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों पर आए एग्जिट पोल नतीजों को दिशा दिखाने वाला बताया। साथ ही दावा किया कि भारी बहुमत से प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने वाली है।

भारी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी कांग्रेस

सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, एग्जिट पोल अपनी जगह पर है, और वह हरियाणा की दिशा बता रहे हैं। लेकिन, हमारा भी जमीनी स्तर पर कुछ आकलन है। मैं इस विश्वास के साथ कह सकता हूं कि कांग्रेस भारी बहुमत के साथ प्रदेश सरकार बना रही है। उन्होंने आगे कहा, 5 अक्टूबर को हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों पर शांति-पूर्ण मतदान हुआ। एक दो मामलों को छोड़ दिया जाए तो चुनाव काफी अच्छा रहा। इस चुनाव में हरियाणा की जनता ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। मतदान का प्रतिशत भी बढ़ा है। चुनाव को शांति पूर्ण संपन्न कराने के लिए भारतीय चुनाव आयोग, हरियाणा पुलिस के साथ अन्य फोर्स बधाई के पात्र हैं।

भाजपा की हैट्रिक को लेकर क्या बोले हुड्डा?

कांग्रेस के आत्मविश्वास का कारण क्या है? इस पर बोले, हरियाणा में 10 साल की भाजपा सरकार में सकारात्मक कार्य नहीं हुए। हरियाणा में बदलाव के लिए कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अंत तक मेहनत की है। जब उनसे कहा गया कि भाजपा भी हैट्रिक की बात कर रही है तो बोले भाजपा को इस प्रकार की ट्रेनिंग दी जाती है जिससे वह आपके सामने आत्मविश्वास के साथ झूठ बोलें।

भाजपा सरकार की खामियां गिनाते हुए कहा, भाजपा ने हरियाणा को पीछे ले जाने का काम किया। अब हरियाणा नई शुरुआत की ओर बढ़ रहा है। कांग्रेस की सरकार में नई शुरुआत होगी। हमारा एक ही मकसद होगा कि हरियाणा को अन्य राज्य की तुलना में सबसे ज्यादा विकसित किया जाए।

आखिर कांग्रेस का सीएम चेहरा कौन होगा?

एक सवाल जो सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर कांग्रेस का सीएम चेहरा कौन होगा? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, कांग्रेस की सरकार बनने के बाद किसे क्या जिम्मेदारी सरकार में दी जाएगी। इसकी एक पूरी प्रक्रिया है। जो वर्षों से फॉलो की जा रही है। विधायक दल की बैठक होगी। जिसमें विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व जो फैसला लेगा, कांग्रेस परिवार इसे आगे लेकर बढ़ेगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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