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Haryana Chunav: कांग्रेस ने जारी किया चुनावी मेनिफेस्टो, जानें क्या-क्या किए वादे

Congress Manifesto for Haryana Chunav: कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अशोक गहलोत ने चंडीगढ़ में पार्टी का चुनावी मेनिफेस्टो जारी किया। इससे पहले कांग्रेस ने अपनी 7 गारंटी की घोषणा की थी। आपको खास बातें बताते हैं।

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कांग्रेस ने हरियाणा के लिए जारी किया अपना घोषणापत्र।

Haryana Assembly Elections: हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का मेनिफेस्टो जारी हो गया है। विधानसभा नेता विपक्ष, सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घोषणापत्र जारी किया। कांग्रेस ने इससे पहले चुनावी सरगर्मियों के बीच 7 गारंटियों का ऐलान किया था। मेनिफेस्टो कमेटी की अध्यक्ष गीता भुक्कल ने मेनिफेस्टो से जुड़ी खास बातों पर जोर दिया।

गरीबों को छत, पिछड़ों को मिलेगा अधिकार

गीता भुक्कल ने कहा कि लोकतंत्र में लोक ही अहम होते है जिनसे बात करके जारी घोषण पत्र किया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले 7 गेरेन्टी को जारी किया गया था। भुक्कल ने कहा कि गरीबों को छत, पिछड़ों को अधिकार, किसानों को सम्रद्ध करने की बात की है। कांग्रेस के वादे पक्के इरादे है। शिक्षा में क्वालिटी एजुकेशन देने का काम करेंगे।

25 लाख तक का मुफ्त इलाज करने का वादा

उन्होंने दावा किया कि भाजपा के एजेंडे में कभी शिक्षा नहीं रहा है। राजस्थान के पैर्टन पर 25 लाख तक का मुफ्त इलाज करने का काम किया जाएगा। महिलाओं को सशक्त करने के लिए हमने काम किए है , आगे भी काम कांग्रेस पार्टी करेगी।

कैसे तैयार किया गया है कांग्रेस का मेनिफेस्टो?

इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष उदय भान, पूर्व मंत्री गीता भुक्कल, कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज, चुनाव प्रभारी आलोक शर्मा भी मौजूद रहे। मेनिफेस्टो कमेटी की अध्यक्ष गीता भुक्कल ने कहा कि हमारा घोषण पत्र सभी वर्गों से सुझाव के बाद बनाया गया है। युवा न्याय चौपाल, किसान न्याय चौपाल, दलित न्याय चौपाल सभी से बात करके आज इसको जारी किया गया है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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