Indore Lok Sabha Chunav: मध्य प्रदेश के इंदौर लोकसभा सीट पर होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के साथ बड़ा खेला हो गया है। इंदौर से कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय बम ने पर्चा वापस लिया, जिसके बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस में हड़रंप मच गया है। जो अक्षय बम आज तक कांग्रेस उम्मीदवार थे, वो अब भाजपा में शामिल होंगे। उनके नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस अब निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन देने पर विचार कर रही है।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस के साथ हुआ बड़ा खेला
कांग्रेस उम्मीदवार ने नामांकन वापस ले लिया तो मध्यप्रदेश कांग्रेस में हड़कंप मच गया है। अक्षय कांति बम के नाम वापसी के बाद वैकल्पिक उम्मीदवार के नाम पर मंथन कर रही है। जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इंदौर कांग्रेस से निर्दलीय प्रत्याशियों के नाम की सूची मांगी है। सूत्रों का मानना है कि निर्दलीय प्रत्याशी को कांग्रेस समर्थन दे सकती है।
कांग्रेस ने भाजपा पर किया पलटवार
इंदौर की घटनाक्रम पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक का कहना है कि यह निर्लज्ज राजनीति है। ऐसा षड्यंत्र किया कि पता भी नहीं चला। अब हमारे वरिष्ठ नेता बैठेंगे और आगे की रणनीति पर विचार विमर्श करेंगे। यह अवसरवाद की राजनीति है, जनता इसका जवाब देगी। जनता ऐसे लोगों को पसंद नहीं करती।
भाजपा विधायक के साथ पहुंचे अक्षय बम
इंदौर में कांग्रेस उम्मीदवार के भागने पर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि 'अब तो उनके उम्मीदवार भी नहीं रुक रहे।' पिछले 35 साल से इंदौर लोकसभा सीट पर जीत की बाट जोह रही कांग्रेस के उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने पार्टी को तगड़ा झटका देते हुए सोमवार को नामांकन वापसी के आखिरी दिन अपना पर्चा वापस ले लिया। चश्मदीदों ने बताया कि बम, स्थानीय भाजपा विधायक रमेश मेंदोला के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और उन्होंने अपना पर्चा वापस लिया। लौटते वक्त वह पत्रकारों के सवालों को अनसुना करते हुए मेंदोला के साथ गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए।
इंदौर सीट पर 13 मई को होगा मतदान
जिलाधिकारी आशीष सिंह ने बम के नामांकन वापस लेने की पुष्टि की। उन्होंने संवाददाताओं को बताया, 'कांग्रेस उम्मीदवार बम समेत तीन उम्मीदवारों ने आज तय प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन वापस लिया। इस प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।' इंदौर सीट के उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 29 अप्रैल (सोमवार) थी। इस क्षेत्र में 13 मई को मतदान होगा और चार जून को मतगणना की जाएगी।
कैलाश विजयवर्गीय ने शेयर की तस्वीर
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने ‘एक्स’ खाते पर एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें बम उनके साथ कार में बैठे नजर आ रहे हैं। गाड़ी में उनके साथ भाजपा विधायक मेंदोला भी नजर आए। मेंदोला को विजयवर्गीय का विश्वस्त माना जाता है। विजयवर्गीय ने तस्वीर के साथ लिखा कि 'इंदौर से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी अक्षय कांति बम का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के नेतृत्व में भाजपा में स्वागत है।' इस बीच, बम के पत्रकार कॉलोनी स्थित घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है। उनके घर के बाहर कांग्रेस के स्थानीय नेता जुटने शुरू हो गए हैं।
पहली बार चुनाव लड़ रहे थे अक्षय बम
भाजपा का मजबूत गढ़ कहे जाने इंदौर में कांग्रेस ने एकदम नये-नवेले चेहरे अक्षय बम (45) को अपना उम्मीदवार बनाया था। बम पेशे से कारोबारी हैं और उनका परिवार शहर में निजी महाविद्यालयों का संचालन करता है। बम ने अपने राजनीतिक कॅरियर में अब तक एक भी चुनाव नहीं लड़ा है। कांग्रेस ने उन्हें इंदौर से ऐसे वक्त उम्मीदवारी का मौका दिया था, जब जिले में कांग्रेस के तीन पूर्व विधायकों समेत पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता लोकसभा चुनावों से पहले पाला बदलकर भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
इंदौर सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा के निवर्तमान सांसद शंकर लालवानी (62) और बम के बीच होना माना जा रहा था। मतदाताओं की तादाद के लिहाज से प्रदेश में सबसे बड़े इंदौर लोकसभा क्षेत्र में 25.13 लाख लोगों को मताधिकार हासिल है जहां भाजपा ने इस बार आठ लाख मतों के अंतर से जीत का नारा दिया है।
