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देश की सबसे बेईमान पार्टी कांग्रेस, इसका नेतृत्व कर रहा सबसे भ्रष्ट परिवार; पीएम मोदी ने कही ये 5 बड़ी बातें

PM Modi Slams Congress: पीएम मोदी ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर तीखा प्रहार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। जम्मू-कश्मीर में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि देश की सबसे बेईमान पार्टी कांग्रेस है। उन्होंने ये भी कहा कि सबसे भ्रष्ट परिवार इस पार्टी का नेतृत्व करता है।

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जम्मू के डोडा में क्या बोले पीएम मोदी?

Jammu Kashmir Elections: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विपक्षी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस देश की 'सबसे बेईमान पार्टी' है, जिसका नेतृत्व एक 'भ्रष्ट परिवार' कर रहा है। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों के समर्थन में रैली में मोदी ने अमेरिका में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा एक भारतीय पत्रकार की कथित तौर पर पिटाई किये जाने की घटना को लेकर भी चिंता व्यक्त की।

'भारत की सबसे बेईमान पार्टी है कांग्रेस'

पीएम मोदी ने कहा, 'क्या एक भारतीय पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार भारत की गरिमा को दर्शाता है? कांग्रेस भारत की सबसे बेईमान पार्टी है। कांग्रेस का शाही परिवार भारत का सबसे बड़ा भ्रष्ट परिवार है। आपको उनके खिलाफ सतर्क रहना होगा। वे सत्ता में आने के लिए चुनाव जीतने को लेकर बेईमानी के सभी हथकंडे आजमाते हैं।' मोदी ने कहा, 'मैंने इस देश के लोगों को उनकी (कांग्रेस की) साजिशों के बारे में आगाह किया था, लेकिन मेरा मजाक उड़ाया गया...आज, हर कोई देख सकता है कि कांग्रेस शासित राज्यों में क्या हो रहा है, जहां उनकी सरकारों ने बहुत ही कम समय में लोगों के लिए परेशानियां पैदा कर दी हैं।'

'सत्ता में आने के लिए किए झूठे वादे'

मोदी ने हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए दावा किया कि कांग्रेस ने सत्ता में आने के लिए 'झूठे वादे' किए। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में वोट पाने के लिए लोगों से झूठे वादे किए। अब, उन्होंने राज्य को बर्बाद कर दिया है। कोई विकास नहीं हो रहा है, कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा और युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है।' मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की श्रीनगर में की गई टिप्पणी का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ हाल के लोकसभा चुनावों में और 20 सीटें जीत जाता तो भाजपा नेता जेल में होते।

'कांग्रेस के पास सकारात्मक दृष्टिकोण नहीं'

प्रधानमंत्री ने कहा, 'उनके अध्यक्ष के बयानों से उनकी विचारधारा और दृष्टिकोण स्पष्ट हो गया है...क्या आप हमें जेल भेजने के लिए सत्ता में आना चाहते हैं या लोगों के कल्याण के लिए काम करना चाहते हैं? क्या यही आपका एकमात्र एजेंडा है?' मोदी ने कहा कि देश की जनता ने उन्हें 2014, 2019 और 2024 में जनता के कल्याण के लिए चुना, विपक्षी नेताओं को जेल भेजने के लिए नहीं। प्रधानमंत्री ने कहा, 'हम भ्रष्टाचार को खत्म करने और गरीब लोगों को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करने के लिए सरकार चलाते हैं। चूंकि उनके (कांग्रेस के) पास कोई सकारात्मक दृष्टिकोण नहीं है, इसलिए उनका एकमात्र एजेंडा विपक्षी नेताओं को जेल भेजना है। उन्हें (खरगे को) जम्मू-कश्मीर के लोगों के कल्याण के बारे में बात करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने अपने जेल एजेंडे को उजागर किया।'

जम्मू के साथ भेदभाव करने का लगाया आरोप

मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का एजेंडा नफरत फैलाने का है। उन्होंने कहा, 'जम्मू भी उनकी नफरत का शिकार रहा है। कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने हमेशा जम्मू के साथ भेदभाव किया। उन्होंने महाराजा हरि सिंह और अन्य राजाओं के खिलाफ सबसे खराब टिप्पणियां कीं।' उन्होंने कांग्रेस पर देश की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत के एक मीडियाकर्मी को अमेरिका की धरती पर कमरे में बंद करके पीटा गया।

ऐसा व्यवहार भारत की गरिमा को दर्शाता है?

मोदी ने कहा, 'मैंने आज अखबारों में पढ़ा कि अमेरिका में एक भारतीय पत्रकार को गंभीर दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा...स्वतंत्र मीडिया जीवंत लोकतंत्र का स्तंभ है। क्या पत्रकारों के साथ ऐसा व्यवहार भारत की गरिमा को दर्शाता है?' टेलीविजन पत्रकार ने आरोप लगाया कि डलास में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन पर तब हमला किया जब उन्होंने ‘इंडियन ओवरसीज कांग्रेस’ के अध्यक्ष सैम पित्रोदा से पूछा कि क्या राहुल गांधी अमेरिकी सांसदों के साथ बैठक के दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों का मुद्दा उठाएंगे।

अठारह सितंबर को विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री की यह पहली चुनावी रैली थी। इस चरण में जम्मू के तीन जिलों डोडा, किश्तवाड़ और रामबन तथा दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां और कुलगाम जिलों की कुल 24 सीट पर मतदान होगा। दूसरे चरण में 25 सितंबर को 26 सीट पर मतदान होगा। आखिरी चरण में एक अक्टूबर को 40 सीट पर मतदान होगा। मतगणना आठ अक्टूबर को होगी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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