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कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए बनाया खास प्लान, इन 3 दिग्गज नेताओं सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

Congress Plan for Haryana Elections: क्या आप जानते हैं कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक नई रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने तीन पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। तीनों दिग्गजों के नाम अशोक गहलोत, अजय माकन और प्रताप सिंह बाजवा है।

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हरियाणा के लिए बनाया ये खास प्लान।

Haryana Assembly Elections 2024: हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने रणनीतियों पर काम तेज कर दिया है। चुनाव के मद्देनजर प्रचार अभियान और रणनीति को और मजबूती प्रदान करने के लिए शनिवार को कांग्रेस ने तीन पर्यवेक्षक नियुक्त किए। पार्टी ने अजय माकन, अशोक गहलोत और प्रताप सिंह बाजवा को पर्यवेक्षक बनाया है।

कांग्रेस ने इन तीन दिग्गजों को सौंपा जिम्मा

अजय माकन राज्यसभा के सदस्य हैं। वह दिल्ली के पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत वर्तमान में राज्य में विधायक हैं। वहीं प्रताप सिंह बाजवा वर्तमान में पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लिखा गया है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अजय माकन, अशोक गहलोत और प्रताप सिंह बाजवा को तत्काल प्रभाव से एआईसीसी वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

5 अक्टूबर को सभी 90 सीटों पर होगी वोटिंग

उल्लेखनीय है कि हरियाणा में नई सरकार के गठन के लिए 5 अक्टूबर को प्रदेश की सभी 90 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। मतगणना 8 अक्टूबर को होगी। नामांकन और नामांकन पत्रों की जांच का काम पूरा हो चुका है। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 16 सितंबर है। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि अंततः कितने उम्मीदवार मैदान में बचते हैं।

हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तपिश चरम पर है। एक तरफ भाजपा सत्ता में बने रहने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए पूरा जोर लगा रही है। इन सबके बीच आम आदमी पार्टी (आप) भी राज्य में अपनी जमीन तलाश रही है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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