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कांग्रेस और AAP के बीच गठबंधन पर बन गई बात? राघव चड्ढा ने दिया ये बड़ा संकेत

Congress-AAP Alliance: क्या हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन पर बात बन गई है? ये सवाल इसलिए उठ रहा है, क्योंकि आप नेता राघव चड्ढा ने इस ओर इशारा करते हुए ये कहा है कि कांग्रेस, आप निजी आकांक्षाओं को दरकिनार कर गठबंधन के लिए प्रयास कर रहे हैं।

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हरियाणा में आप और कांग्रेस साथ लड़ेंगे चुनाव?

Haryana Assembly Elections 2024: आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच गठबंधन का फॉर्मूला क्या सेट हो गया है? इस ओर आप के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने इशारा किया है। उन्होंने रविवार को कहा कि कांग्रेस और उनकी पार्टी दोनों अपनी व्यक्तिगत आकांक्षाओं को अलग रखकर हरियाणा चुनावों के लिए गठबंधन करने की कोशिश कर रहे हैं।

हरियाणा के लिए क्या है AAP का प्लान?

चड्ढा ने कहा कि दोनों दलों के बीच गठबंधन पर आम सहमति नहीं बन पाई है, लेकिन बातचीत 'सकारात्मक' दिशा में आगे बढ़ रही है और उन्हें अच्छे नतीजे की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 'अगर दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद स्थिति नहीं बनती है' तो आम आदमी पार्टी गठबंधन के वास्ते आगे नहीं बढ़ेगी।

चड्ढा ने कहा, 'बातचीत सकारात्मक माहौल में हो रही है। दोनों दल अपनी और उम्मीदवार की आकांक्षाओं को अलग रखकर एकजुटता और हरियाणा के लोगों की मांगों को प्राथमिकता देते हुए साथ मिलकर चुनाव लड़ने की दिशा में काम कर रहे हैं।'

कितनी सीट मांग रही है आम आदमी पार्टी?

उन्होंने कहा, 'सीट बंटवारे को लेकर हर ब्योरे पर टिप्पणी नहीं की जा सकती। दोनों ही दलों की गठबंधन करने की इच्छा है और ऐसा होने की उम्मीद है।' हरियाणा में 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान पांच अक्टूबर को होगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 12 सितंबर है। मतगणना आठ अक्टूबर को होगी। सूत्रों के अनुसार, आप जहां 10 सीट की मांग कर रही है, वहीं कांग्रेस उसे सिर्फ सात सीट देने को तैयार है।

गठबंधन पर कब तक होगा फाइनल फैसला?

हालांकि, चड्ढा ने सीट बंटवारे के बारे में अब तक हुई कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'हम नामांकन की अंतिम तिथि 12 सितंबर से पहले ही निर्णय ले लेंगे। यदि कोई फायदेमंद स्थिति नहीं बनती है, तो हम इसे छोड़ देंगे। वार्ता चल रही है, अच्छी चर्चा हो रही है, मुझे उम्मीद है कि इसका कोई अच्छा निष्कर्ष निकलेगा।'

इससे पहले, इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस (इंडिया) में भागीदार कांग्रेस और आप ने दिल्ली, हरियाणा और गुजरात में लोकसभा चुनावों के लिए सीट के बंटवारे पर समझौता किया था। हरियाणा में आप के प्रदेश अध्यक्ष सुशील गुप्ता राज्य में लोकसभा चुनावों में पार्टी के एकमात्र उम्मीदवार थे। वह भाजपा के नवीन जिंदल से हार गए। कांग्रेस और आप ने पंजाब में अलग-अलग लोकसभा चुनाव लड़ा था।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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