Chhattisgarh Konta seat 2023 Profile: छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 90 सीटों के लिए दो चरणों सात नवंबर और 17 नवंबर को मतदान होगा। पहले चरण में विधानसभा की जिन 20 सीटों पर मतदान होने जा रहा है, उसमें कई सीटें हाई प्रोफाइल हैं। राज्य की कोंटा विधानसभा सीट भी हाई प्रोफाइल है। इस सीट पर आबकारी मंत्री कवासी लखमा फिर से चुनाव मैदान में हैं। इस सीट से लखमा पांच बार विधायक बन चुके हैं। कांग्रेस के लिए यह सीट अभेद किले की तरह है। हालांकि, इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कोशिश कांग्रेस के इस गढ़ को भेदने की है। भगवा पार्टी ने इस सीट के लिए सोयम मुका को अपना उम्मीदवार बनाया है। इस बार इस सीट का मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है।
कोंटा सीट पर कांग्रेस का रहा है दबदबा
कांग्रेस के प्रत्याशी कवासी लखमा ही लगातार इस सीट से चुनाव जीतते आए हैं। साल 1998 से लेकर 2018 के चुनाव तक पांच बार से लगातार चुनाव जीतकर कांग्रेस की सरकार बनने के बाद उन्हें आबकारी मंत्री बनाया गया। इस सीट पर लखमा ने भाजपा के बड़े नेताओं को बड़ी अंतर से हराया है। 2008 के चुनाव में लखमा ने भाजपा के पदम नंदा को 192 वोट के अंतर से हराया। इसके बाद 2013 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी धनीराम बारसे को 5 हजार 786 मतों के अंतर से हराया। 2018 के विधानसभा चुनाव में लखमा ने भाजपा उम्मीदवार बारसे को 6 हजार 709 मतों के अंतर से हराया।
इस सीट पर भाजपा कभी नहीं जीती
1952 से लेकर अब कोटा विधानसभा सीट पर 14 बार चुनाव हुए हैं। यहां काशीराम तिवारी पहले विधायक बने थे,जबकि मथुरा प्रसाद दुबे 4 बार और राजेंद्र शुक्ल 5 बार चुने गए। इसके अलावा 2006 में डॉ. रेणु जोगी यहां से विधायक बनीं। क्षेत्र की पहली महिला विधायक पिछले 3 बार से विधायक हैं।
सात नवंबर को मतदान
कोंटा विधानसभा सीट पर साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कुल 164765 वोटर मौजूद थे, जिनमें से 31933 ने कांग्रेस उम्मीदवार कवासी लखमा को वोट देकर जिताया था, जबकि 25224 वोट पा सके बीजेपी प्रत्याशी धनीराम बारसे 6709 वोटों से चुनाव हार गए थे। कोंटा सीट पर मतदान सात नवंबर को है और चुनाव नतीजा तीन दिसंबर को आएगा।
