CEC on Assembly Elections 2026: 'चुनाव का पर्व, मतदाता का गर्व' यह संदेश देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Chief Election Commissioner) ने असम, केरल और पुदुचेरी के विधानसभा चुनाव 2026 को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में हुआ रिकॉर्ड मतदान न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लोकतंत्र के लिए एक बड़ी मिसाल है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि असम, केरल और पुदुचेरी के मतदाताओं ने जिस तरह बड़ी संख्या में वोट डालकर लोकतंत्र को मजबूत किया है, वह गर्व की बात है। उन्होंने सभी मतदाताओं को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार असम और पुदुचेरी में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान दर्ज किया गया। असम में 85.38 प्रतिशत और पुदुचेरी में 89.83 प्रतिशत मतदान हुआ। केरल में भी 78.03 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
आज के चुनावों से लोकतंत्र पर बढ़ा भरोसा
रिकॉर्ड मतदान को चुनाव आयोग मतदाताओं के बढ़ते भरोसे के रूप में देख रहा है। आयोग का कहना है कि पिछले कई दशकों में यह सबसे अधिक मतदान है, जो यह दिखाता है कि लोग चुनाव प्रक्रिया को लेकर आश्वस्त हैं। संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग की जिम्मेदारी मतदाता सूची तैयार करना और चुनाव कराना है। आयोग का दावा है कि दोनों ही प्रक्रियाओं में पारदर्शिता के कारण लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
हर जगह हुआ शांतिपूर्ण तरीके से हुआ मतदान
तीनों राज्यों में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ और कुछेक घटनाओं को छोड़कर पूरे दिन प्रक्रिया सामान्य रही।करीब 2.5 लाख से अधिक मतदान कर्मी पहले ही अपने केंद्रों पर पहुंच गए थे। मतदान शुरू होने से पहले सभी केंद्रों पर मॉक पोल भी कराया गया, जिसके बाद मतदान प्रक्रिया आगे बढ़ी।इस बार चुनाव प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई। चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने लगातार निगरानी रखी।
करोड़ों मतदाताओं की रही भागीदारी
असम, केरल और पुदुचेरी में कुल 296 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ, जहां 5.31 करोड़ से ज्यादा मतदाता थे। इसके अलावा कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा के चार विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव भी हुए।इस बार मतदान को आसान बनाने के लिए कई नई पहलें की गईं। ईवीएम पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें लगाई गईं, मोबाइल जमा करने की सुविधा दी गई और मतदाता पर्चियों का डिजाइन सरल बनाया गया।
दिव्यांग मतदाताओं के लिए इंतजाम
मतदान केंद्रों पर दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई। व्हीलचेयर और स्वयंसेवकों के साथ साथ उन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए परिवहन सुविधा भी दी गई।
'देश में लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत हो रही हैं'
अंतरराष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम के तहत 22 देशों के 38 प्रतिनिधियों ने इस पूरी प्रक्रिया को देखा। इससे भारत की चुनाव प्रणाली को वैश्विक स्तर पर भी सराहना मिली है। मुख्य चुनाव आयुक्त के बयान और रिकॉर्ड मतदान के आंकड़े यह साफ करते हैं कि देश में लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत हो रही हैं और मतदाता इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
