Bengal Elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर जारी अटकलों के बीच भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी ने इस मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लिया है और वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके विकास के एजेंडे के नाम पर वोट मांगेगी। भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा के लिए यह मायने नहीं रखता कि कोई नेता नया है या पुराना जो भी व्यक्ति जनता को तृणमूल कांग्रेस के कथित कुशासन के खिलाफ लड़ने वाला दिखेगा, वही जीत के बाद पार्टी का चेहरा बन सकता है।
तृणमूल कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति के खिलाफ सीधी लड़ाई
उन्होंने विधानसभा चुनाव को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति के खिलाफ सीधी लड़ाई बताया। भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी किसी को भी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश नहीं करेगी, बल्कि मोदी और उनके विकास के एजेंडे के नाम पर वोट मांगेगी और अगर सत्ता में आती है तो घुसपैठियों का पता लगाने, उन्हें हिरासत में लेने और निर्वासित करने की नीति अपनाएगी। भट्टाचार्य ने पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि भाजपा किसी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं करती, जैसा कि दिल्ली, हरियाणा और ओडिशा में भी नहीं किया गया था, फिर भी पार्टी ने जीत हासिल की।
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से उतारने को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने से जोड़े जाने पर स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि नेतृत्व को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी का संसदीय बोर्ड और केंद्रीय नेतृत्व करेगा। हालांकि, उन्होंने यह संकेत भी दिया कि भविष्य में शीर्ष नेतृत्व चाहे तो इस पर अलग निर्णय ले सकता है। उन्होंने कहा, हम विकास पुरुष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आगे रखकर चुनाव लड़ते हैं, जो विकास के प्रतीक हैं - जिन पर कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के लोग भरोसा करते हैं।
कहा- भाजपा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करेगी
भट्टाचार्य ने भरोसा जताया कि भाजपा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करेगी, हालांकि उन्होंने आंकड़ा बताने या दो-तिहाई बहुमत मिलने पर टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि भवानीपुर से अधिकारी को उतारना ममता बनर्जी को उनके गढ़ में सीधी चुनौती देना है। उन्होंने 2021 के नंदीग्राम चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा तृणमूल के उस दावे को परखना चाहती है कि बनर्जी की हार "लोड शेडिंग" (तकनीकी गड़बड़ी) के कारण हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में नेता प्रतिपक्ष को विधानसभा से 11 महीने तक निलंबित रखा गया और उनके परिवार पर हमले हुए।
भाजपा के सत्ता में आने पर प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सबसे पहले राज्य में कानून-व्यवस्था स्थापित की जाएगी, चुनाव बाद हिंसा रोकी जाएगी और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाया जाएगा। घुसपैठ को पार्टी का मुख्य मुद्दा बताते हुए उन्होंने कहा कि नीति स्पष्ट होगी, घुसपैठियों की पहचान, हिरासत और निर्वासन। उन्होंने इस चुनाव को केवल भाजपा और तृणमूल के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि एक निर्णायक सभ्यतागत संघर्ष बताया। ’हिंदी-हिंदू-हिंदुस्तान’ संस्कृति थोपने के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाली अपनी पहचान से समझौता नहीं करेंगे।
उन्होंने निर्वाचन आयोग पर भरोसा जताते हुए निष्पक्ष और हिंसामुक्त चुनाव की उम्मीद व्यक्त की। बनर्जी के इस आरोप कि भाजपा राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहती है, भट्टाचार्य ने कहा कि अगर भाजपा चाहती तो यह पहले ही किया जा सकता था, लेकिन पार्टी सिद्धांततः इसका समर्थन नहीं करती। भट्टाचार्य ने मुस्लिम मतदाताओं से अपील की कि वे मुख्यधारा से जुड़ें, बच्चों को शिक्षित करें और तुष्टीकरण की राजनीति से दूर रहें।
