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दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए BJP ने बना लिया प्लान, ‘अब नहीं सहेंगे, बदल कर रहेंगे’ का दिया नारा

BJP Plan for Delhi Chunav: दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा, किस पार्टी राजधानी की जनता बहुमत देगी? इस सवाल का जवाब विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद ही मिल पाएगा। इस बीच भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिये कार्यालय का उद्घाटन किया। साथ ही पार्टी ने 'बदलकर रहेंगे' का नारा दिया।

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दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन

Delhi Assembly Elections: दिल्ली में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को पार्टी की प्रदेश इकाई के पंत मार्ग स्थित मुख्यालय में चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया और इस दौरान वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने पत्नी के साथ हवन किया, जिसमें पार्टी के प्रदेश चुनाव प्रभारी बैजयंत पांडा, चुनाव समन्वय समिति के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, मनोज तिवारी, कमलजीत सहरावत, बांसुरी स्वराज, योगेंद्र चंदोलिया, प्रवीण खंडेलवाल और अन्य लोग मौजूद थे।

साल 1998 से दिल्ली की सत्ता से बाहर है भाजपा

दिल्ली विधानसभा के लिए चुनाव अगले साल फरवरी में होने हैं। वर्ष 1998 से दिल्ली की सत्ता से बाहर भाजपा अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इस मौके पर पांडा और अन्य नेताओं ने कई वैन को हरी झंडी दिखाई, जो विधानसभा चुनाव के वास्ते पार्टी के घोषणापत्र के लिए लोगों से फीडबैक लेने के उद्देश्य से दिल्ली भर में भ्रमण करेगी। इस अवसर पर पांडा ने घोषणापत्र के लिए फीडबैक अभियान के विषय के रूप में ‘अब नहीं सहेंगे, बदल कर रहेंगे’ का नारा दिया।

‘अब नहीं सहेंगे, बदल कर रहेंगे’ का दिया नारा

भाजपा नेताओं ने इस अवसर पर कहा कि दिल्ली के लोग अब बहुत कुछ सह चुके हैं और अब वे गंदे पानी की आपूर्ति, क्षतिग्रस्त सड़कों, महंगी बिजली और उच्च स्तर के प्रदूषण से राहत पाने के लिए आप को सत्ता से हटाना चाहते हैं। भाजपा के नारे पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि विपक्षी पार्टी का ‘‘बदलकर रहेंगे’’ नारा दर्शाता है कि वह दिल्ली में उनकी पार्टी की सरकार द्वारा किए गए सभी कार्यों को रोकना चाहती है।

केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उन्होंने आज आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वे सब कुछ बदल देंगे। इसका मतलब है कि 24 घंटे बिजली आपूर्ति बंद हो जाएगी और हजारों रुपये के बिल के साथ लंबी बिजली कटौती होगी, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा बंद हो जाएगी, सभी स्कूल बर्बाद हो जाएंगे, मोहल्ला क्लीनिक बंद हो जाएंगे और मुफ्त दवाइयां और उपचार भी बंद हो जाएगा।’’ उन्होंने लोगों से संभलकर मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिये कहा, क्योंकि भाजपा ने अपनी मंशा जाहिर कर दी है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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