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मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा ने दिया सरप्राइज, अब राजस्थान में क्या होगा

BJP Gave Surprise: भाजपा ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर अपने फैसले से हर किसी को हैरान कर दिया। विष्णु देव साय और मोहन यादव का नाम शायद किसी ने नहीं सोचा था। तो क्या राजस्थान में भी बीजेपी ऐसी ही रणनीति का इस्तेमाल करने वाली है?

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क्या राजस्थान में भी बीजेपी करेगी हैरान?

Photo : Times Now Digital

Rajasthan CM News: अपने फैसलों से चौंकाने में भारतीय जनता पार्टी का कोई जवाब नहीं है। पहले छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला और अब मध्य प्रदेश में मोहन यादव को सीएम बनाने के निर्णय ने हर किसी को हैरान कर दिया। अब देखना होगा कि एमपी और छत्तीसगढ़ की तरह राजस्थान में भी भाजपा कोई बड़ा सरप्राइज देती है या फिर वसुंधरा राजे को सूबे की कमान सौंपती है।

कौन बनेगा राजस्थान का मुख्यमंत्री?

राजस्थान का मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इस सवाल का जवाब मंगलवार को मिल जाएगा। केंद्रीय पर्यवेक्षकों की टीम मंगलवार को जयपुर में नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक करेगी। इस टीम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और राज्यसभा सांसद सरोप पांडे शामिल हैं, जिन्हें भाजपा ने राजस्थान के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। सीएम की रेस में कई नामों पर सस्पेंस है, इनमें वसुंधरा राजे, गजेंद्र सिंह शेखावत, अश्विनी वैष्णव, दीया कुमारी और अर्जुनराम मेघवाल का नाम शामिल है।

क्या राजस्थान में भी भाजपा देगी सरप्रााइज?

पहले रविवार को छत्तीसगढ़ में भाजपा ने विष्णु देव साय को मुख्यमंत्री की कुर्सी देने का फैसला लेकर हर किसी को हैरान कर दिया और फिर सोमवार को एमपी में ये बड़ा फैसला लिया गया कि उज्जैन दक्षिण से भाजपा विधायक मोहन यादव मध्यप्रदेश के नये मुख्यमंत्री होंगे। अब देखना होगा कि क्या राजस्थान में भी वसुंधरा राजे, गजेंद्र सिंह शेखावत, अश्विनी वैष्णव, दीया कुमारी और अर्जुनराम मेघवाल जैसे चर्चित नामों के इतर किसी अलग नेता को सीएम बनाकर भाजपा सरप्राइज देती है।

मोहन यादव होंगे मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री

उज्जैन दक्षिण से भाजपा विधायक मोहन यादव मध्यप्रदेश के नये मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने बताया कि ओबीसी नेता यादव (58) को शाम को भोपाल में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में हुई बैठक में मध्य प्रदेश में भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। वह निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल में उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यरत थे। मप्र में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन के बूते भाजपा ने राज्य में अपनी सत्ता बरकरार रखी है।

राजस्थान में मंगलवार को विधायक दल की बैठक

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक मंगलवार को होगी जिसमें आगामी मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला हो सकता है। पार्टी के विधायकों को कल होने वाली बैठक की जानकारी दी गयी है। विधायक किरोड़ी लाल मीणा, वासुदेव देवनानी तथा जोगेश्वर गर्ग सहित अनेक विधायक सोमवार को यहां पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में पहुंचे। गर्ग ने कहा कि पार्टी के पर्यवेक्षक कल आएंगे और विधायकों से संवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि यह एक औपचारिक बैठक होगी जिसके बाद मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी।

वसुंधरा राजे ने विधायकों संग की मुलाकात

राज्य में 200 में से 199 सीट के लिए हुए चुनाव के परिणाम तीन दिसंबर को घोषित किए गए। भाजपा को 115 सीट पर जीत के साथ बहुमत मिला है। उल्लेखनीय है कि राजे को मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों में शामिल माना जा रहा है। पार्टी के कई विधायकों ने पिछले हफ्ते सोमवार और मंगलवार को राजे से मुलाकात की थी। बाद में राजे दिल्ली गईं और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। रविवार को यहां कुछ विधायकों ने फिर उनसे मुलाकात की।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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