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‘नफरती'भाषण को लेकर खरगे के खिलाफ निर्वाचन आयोग पहुंची भाजपा,दर्ज कराई शिकायत

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए नौ अप्रैल को चुनाव होगा और मतों की गिनती चार मई को होगी।

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मल्लिकार्जुन खरगे। (File photo)

भाजपा ने मंगलवार को कहा कि उसने राज्य में एक चुनावी रैली के दौरान कथित तौर पर नफ़रत फैलाने वाला भाषण देने के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के ख़िलाफ़ असम पुलिस और निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।

भाजपा की असम इकाई के प्रवक्ता प्रांजल कलिता ने एक बयान में कहा कि जहां एक ओर कांग्रेस नेता बार-बार संविधान का पालन करने का दावा करते हैं, वहीं उनके कार्य ’’संवैधानिक स्वतंत्रता और सभी धर्मों के प्रति सम्मान की मूल भावना के बिल्कुल विपरीत हैं।’’

उन्होंने बताया कि गुवाहाटी के बसिष्ठा थाने में एक शिकायत दर्ज कराई गई है, और दूसरी शिकायत निर्वाचन आयोग के समक्ष दर्ज कराई गई है।

कलिता ने कहा, ’’आरएसएस-भाजपा पर प्रतिबंध लगाने की खरगे की हालिया मांग न केवल राजनीतिक असहिष्णुता को दर्शाती है, बल्कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के भीतर बौद्धिक दिवालियापन को भी उजागर करती है।’’

उन्होंने कहा कि असम प्रदेश भारतीय जनता पार्टी,श्रीभूमि ज़िले के नीलाबाज़ार में 6 अप्रैल को एक चुनावी रैली के दौरान की गई बेहद आपत्तिजनक और गैर-ज़िम्मेदाराना टिप्पणियों की कड़ी निंदा करती है;ये टिप्पणियां हिंदू मान्यताओं और परंपराओं का सरासर अपमान थीं। कलिता ने कहा कि ऐसे बयान न केवल निंदनीय हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द के लिए खतरनाक भी हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस जानबूझकर ’’सनातन संस्कृति को कमज़ोर करने’’ की कोशिश कर रही है, जबकि ’’दूसरे धर्मों को बेहतर रूप में’’ दिखा रही है, और यह सब सिर्फ़ राजनीतिक फ़ायदा उठाने के लिए किया जा रहा है। कलिता ने कहा कि इस विभाजनकारी दृष्टिकोण को असम की जनता और पूरे देश ने पहले ही खारिज कर दिया है।

उन्होंने कहा, ’’इस भड़काऊ और विभाजनकारी बयानबाजी का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए, असम भाजपा ने गुवाहाटी के बशिष्ठा थाने में औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कराई है और असम राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष भी एक शिकायत प्रस्तुत की है।’’

कलिता ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ और सामाजिक रूप से अशांति फैलाने वाले बयान देने के लिए खरगे के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग करती है। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए नौ अप्रैल को चुनाव होगा और मतों की गिनती चार मई को होगी।

सोमवार को असम के श्रीभूमि जिले में एक चुनावी रैली के दौरान, खरगे ने कुरान का हवाला देते हुए कहा था कि अगर किसी के सामने से कोई जहरीला साँप गुज़र रहा हो-भले ही वह उस समय नमाज़ ही क्यों न पढ़ रहा हो, तो उसे नमाज़ छोड़कर उस ज़हरीले साँप को मार देना चाहिए।

उन्होंने कहा था, ’’मैं तो कहूंगा कि नमाज तोड़ने से कोई फ़र्क नहीं पड़ता। आरएसएस और भाजपा उस ज़हरीले सांप की तरह हैं। अगर आप इस सांप को नहीं मारेंगे, तो आप ज़िंदा नहीं बचेंगे।’’

Shiv Shukla
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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