इलेक्शन

Haryana Election: उम्मीदवारों के नाम पर लगने वाली है मुहर, जानें कब होगी भाजपा सीईसी की बैठक

  • Agency by: Agency
  • Updated Aug 20, 2024, 02:43 PM IST

BJP Plan for Haryana: भारतीय जनता पार्टी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीतियों पर काम तेज कर दिया है। इसी कड़ी में हरियाणा के उम्मीदवारों पर चर्चा के लिए 24 अगस्त को भाजपा सीईसी की बैठक हो सकती है। इस मीटिंग में नड्डा, शाह और राजनाथ के अलावा कई दिग्गज शामिल हो सकते हैं।

Image

हरियाणा में भाजपा किस-किसको देगी विधानसभा चुनाव का टिकट?

BJP candidates for Haryana Assembly Election: हरियाणा विधानसभा के आसन्न चुनाव के मद्देनजर उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा के लिए 24 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक हो सकती है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 23 अगस्त को यूक्रेन का दौरा पूरा कर भारत लौटने के बाद अगले दिन इस बैठक में सम्मिलित होंगे। बैठक में भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित सीईसी के अन्य सदस्य शामिल होंगे।

सीईसी की बैठक में कौन कौन हो सकता है शामिल?

जेपी नड्डा, अमित शाह और राजनाथ सिंह के अलावा हरियाणा के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और सह-प्रभारी बिप्लव देब, प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बडौली और अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी इस बैठक में मौजूद रहने की संभावना है। निर्वाचन आयोग के मुताबिक, 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा के लिए मतदान एक ही चरण में एक अक्टूबर को होंगे।

लगातार गिर रहा है हरियाणा में भाजपा का ग्राफ

हरियाणा में वर्तमान में भाजपा की सरकार है। उसकी चुनौती राज्य में अपनी सत्ता बरकरार रखना है। हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में राज्य में विपक्षी वोटों के एकजुट होने से भाजपा की सीटों की संख्या घटकर पांच रह गई तथा शेष सीट कांग्रेस के खाते में चली गईं। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य में सभी 10 सीट पर जीत हासिल की थी।

पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को सबसे ज्यादा 40 सीट मिलीं। कांग्रेस 31 सीट जीतकर मुख्य विपक्षी पार्टी बनी। विधानसभा चुनाव में जननायक जनता पार्टी (जजपा) 10 सीट जीतने में सफल रही। सात सीटें निर्दलीय को, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) को एक और हरियाणा लोकहित पार्टी को एक सीट पर जीत मिली। बाद में भाजपा ने जजपा के साथ मिलकर गठबंधन की सरकार बनाई। मनोहर लाल खट्टर फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने जबकि जजपा के दुष्यंत चौटाला उपमुख्यमंत्री बने। हालांकि लोकसभा चुनाव में सीट साझेदारी को लेकर असहमति के बाद यह गठबंधन टूट गया। बाद में भाजपा ने निर्दलीय विधायकों के समर्थन के दम पर अपनी सरकार बचा ली।

हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में कब होंगे चुनाव?

कुछ दिनों के बाद भाजपा ने खट्टर को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया और नायक सिंह सैनी को राज्य की कमान सौंपी। हरियाणा में एक चरण और जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए तीन चरण में चुनाव होंगे। हरियाणा की 90 सीटों के लिए 1 अक्टूबर को वोटिंग होगी, जबकि जम्मू-कश्मीर की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए 18 सितंबर, 25 सितंबर और एक अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे जबकि नतीजे चार अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।

जम्मू-कश्मीर में पहले चरण में 24 सीटों पर जबकि दूसरे और तीसरे चरण में क्रमशः 26 और 40 सीटों पर मतदान होगा। जम्मू-कश्मीर में पिछला विधानसभा चुनाव 2014 के नवंबर-दिसंबर में पांच चरणों में हुआ था। तब यह एक राज्य था और लद्दाख इसका हिस्सा था।

End of Article