Bihar Chunav News (बिहार विधानसभा चुनाव 2025): बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों में सियासी सरगर्मी तेज है। महागठबंधन और NDA, दोनों ही अपने-अपने हिसाब से रणनीति बना रहे हैं। सीटों के बंटवारे और सीएम चेहरे पर भले ही तस्वीर साफ न हो, लेकिन महागठबंधन ने उस इलाके पर फोकस कर लिया है, जहां 2020 में उसे शानदार सफलता मिली थी।
महागठबंधन की जीत वाला इलाका
2020 में पहले चरण की 71 सीटों पर मतदान हुआ था, जिनमें शाहाबाद और मगध क्षेत्र शामिल थे। इस चरण में महागठबंधन ने 71 में से 48 सीटें जीतकर लगभग 70% स्ट्राइक रेट दर्ज किया था। कांग्रेस, राजद और वामपंथी दल अब उसी प्रदर्शन को दोहराने और बढ़ाने की रणनीति बना रहे हैं।
तेजस्वी यादव की अगुवाई में विपक्ष इस बार भी आक्रामक प्रचार की तैयारी कर रहा है। पहले की तरह एक ही दिन में कई छोटी-छोटी सभाएं आयोजित होंगी। महागठबंधन को भरोसा है कि जिस इलाके से INDIA ब्लॉक के 10 में से 7 सांसद आते हैं, वहां विधानसभा चुनाव में भी बढ़त मिलेगी।
NDA का दावा
NDA नेताओं का कहना है कि 2020 में उनके खराब नतीजों की वजह आंतरिक बिखराव था। चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा अलग-अलग चुनाव लड़े थे, जिससे नुकसान हुआ। लेकिन अब गठबंधन में तालमेल बेहतर है और 2024 लोकसभा चुनाव में इन 71 विधानसभा सीटों पर NDA को जो बढ़त मिली, वही विधानसभा चुनाव में भी दोहराई जाएगी।
राजद का पलटवार
राजद ने NDA के तर्क को नकारते हुए कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव में भी चिराग और कुशवाहा NDA में थे, इसके बावजूद INDIA ब्लॉक ने इस इलाके की अहम सीटें जीतीं। बक्सर, सासाराम, काराकाट, जहानाबाद, आरा, औरंगाबाद और पाटलिपुत्र जैसी सीटों पर विपक्ष की जीत को राजद अपनी मज़बूत पकड़ का सबूत मान रहा है।
क्या 2020 वाला समीकरण दोहराएगा विपक्ष?
लोकसभा चुनाव के ताज़ा नतीजों ने महागठबंधन का हौसला बढ़ाया है। इसलिए शाहाबाद और मगध क्षेत्र को वह ‘बैटल ग्राउंड’ मान रहा है। अब असली सवाल यही है कि 2020 की तरह क्या महागठबंधन फिर से NDA पर भारी पड़ेगा या बदले हुए राजनीतिक समीकरण NDA को बढ़त दिलाएंगे।
