Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अभी तक महागठबंधन के अंदर सीटों का बंटवारा नहीं हुआ है, हालांकि राजद से लेकर कांग्रेस तक उम्मीदवारों की घोषणा धीरे-धीरे कर रही है। महागठबंधन में ही एक पार्टी शामिल है- विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी), इसके नेता हैं मुकेश सहनी, कहा जा रहा है कि सीट बंटवारे से नाराज मुकेश सहनी, महागठबंधन से अलग होने की लगभग तैयारी कर लिए थे, इसकी घोषणा भी करने वाले थे, लेकिन ऐन वक्त पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का फोन आ गया और फिर मामला सलट गया।
तेजस्वी ने मांगे मानने से कर दिया था इनकार
सूत्रों के अनुसार, सहनी महागठबंधन में उचित राजनीतिक स्थान न मिलने से नाराज थे और दो दिन तक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ कोई बातचीत नहीं हुई। तेजस्वी यादव ने सहनी की मांगों को मानने से साफ इनकार कर दिया था। वीआईपी प्रमुख ने इस दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य से संपर्क साधा। भट्टाचार्य ने इस मसले को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तक पहुंचाया, जिन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए राजद के शीर्ष नेतृत्व से मामले पर चर्चा की और मुकेश सहनी से बात की।
राहुल गांधी का हस्तक्षेप
राहुल गांधी के हस्तक्षेप से वीआईपी ने महागठबंधन में बने रहने का स्पष्ट संदेश दिया। सहनी ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर महागठबंधन में अपनी प्रतिबद्धता जताई, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जो सीटें देने का वादा किया गया था, वह पूरा नहीं हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि संख्या से ज्यादा मायने उनकी विचारधारा और गठबंधन के उद्देश्य से जुड़े हैं। उनका मकसद बिहार में सांप्रदायिक और विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ लड़ाई जारी रखना है।
निषाद समुदाय के प्रमुख नेता हैं मुकेश सहनी
मुकेश सहनी बिहार के निषाद समुदाय के प्रमुख नेता हैं, जो राज्य की लगभग 2.5 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। इस समुदाय का राजनीतिक महत्व महागठबंधन के लिए भी खासा महत्वपूर्ण है, क्योंकि निषादों का समर्थन कई क्षेत्रों में निर्णायक हो सकता है।
