Warisnagar Assembly Constituency (वारिसनगर विधानसभा सीट): बिहार के समस्तीपुर जिले का वारिसनगर एक प्रखंड स्तरीय कस्बा है और यह समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट में शामिल है। गंगा के मैदानी इलाके में स्थित इस क्षेत्र की जमीन उपजाऊ है, जिसे पास की कमला और कोसी नदियां और भी फलदायक बनाती हैं। वारिसनगर की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है। समस्तीपुर जिला मुख्यालय, वारिसनगर से केवल 10 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा, निकटवर्ती महत्वपूर्ण शहरों में दलसिंहसराय (25 किमी), रोसड़ा (35 किमी), बेगूसराय (55 किमी) और दरभंगा (65 किमी) शामिल हैं। राज्य की राजधानी पटना वारिसनगर से लगभग 108 किलोमीटर दूर है। वारिसनगर विधानसभा क्षेत्र की स्थापना 1951 में हुई थी और इसमें वारिसनगर व खानपुर प्रखंड के साथ-साथ शिवाजी नगर प्रखंड की छह ग्राम पंचायतें शामिल हैं। यह क्षेत्र समस्तीपुर लोकसभा सीट के छह विधानसभा क्षेत्रों में से एक है।
वारिसनगर विधानसभा सीट में मतदान की तारीख
बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे। वारिसनगर विधानसभा सीट पर मतदान फेज 1 के तहत 6 नवंबर 2025 को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर 2025 को होगी। 2020 के विधानसभा चुनाव में वारिसनगर में कुल 3,22,259 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें अनुसूचित जातियों की हिस्सेदारी 19.11 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी 12.50 प्रतिशत थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 3,34,383 हो गई। 2020 में मतदान प्रतिशत 59.01 रहा, जो पिछली बार की तुलना में थोड़ी कम थी।
क्षेत्रीय दलों के लिए पैर जमाने का मौका
इस क्षेत्र में कुशवाहा (कोरी) और कुर्मी समुदाय के मतदाता चुनाव परिणामों को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में, भाजपा और राजद जैसी बड़ी पार्टियों की सक्रियता यहां कम रही। राजद ने 2010 के बाद लगातार हार के चलते चुनाव लड़ना बंद कर दिया और सहयोगी दलों का समर्थन करना शुरू किया। भाजपा ने भी 2005 के बाद इस क्षेत्र से सीधे चुनाव लड़ना बंद कर दिया और जदयू व लोजपा जैसे सहयोगी दलों का समर्थन करना शुरू किया। कांग्रेस और वाम दलों की लगातार असफलता के कारण वे इस क्षेत्र से धीरे-धीरे दूर हो गए। इस स्थिति में क्षेत्रीय दलों के लिए अपने पैर जमाने का अवसर मिला।
वारिसनगर में कुल 17 विधानसभा चुनाव हुए
अब तक वारिसनगर में कुल 17 विधानसभा चुनाव (दो उपचुनाव सहित) हो चुके हैं। जदयू ने चार बार जीत दर्ज की है, लोजपा और जनता दल ने तीन-तीन बार, जनता पार्टी और संयुक्त समाजवादी पार्टी ने दो-दो बार और सोशलिस्ट पार्टी, कांग्रेस तथा एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक बार जीत हासिल की। 2000 के बाद से क्षेत्रीय दलों का प्रभुत्व बढ़ा। जदयू ने 2000 में पहली बार जीत हासिल की। इसके बाद लोजपा ने लगातार तीन चुनावों में सफलता पाई। 2010 के बाद जदयू ने फिर से अपनी पकड़ मजबूत की और लगातार तीन बार सीट पर कब्जा किया।
क्या है 2025 के विधानसभा चुनाव का हाल?
वर्तमान विधायक अशोक कुमार (जदयू) 2010 से वारिसनगर से निर्वाचित हैं। हालांकि, उनके जीत का अंतर 2015 में 58,573 वोटों से घटकर 2020 में केवल 13,801 वोट रह गया, जिसका कारण लोजपा की तीसरे दल के रूप में मौजूदगी थी, जिसने 12.60 प्रतिशत वोट हासिल किए। अब जब जदयू और लोजपा (रामविलास) भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के तहत एक साथ हैं, 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। इसका संकेत 2024 के लोकसभा चुनाव में भी देखा गया, जब लोजपा (रामविलास) के प्रत्याशी को वारिसनगर विधानसभा खंड में 33,342 वोटों की बढ़त मिली थी।
