Rafiganj Assembly Constituency (रफीगंज विधानसभा सीट): रफीगंज विधानसभा क्षेत्र, औरंगाबाद जिले में आता है। कभी इस सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। लेकिन 1990 के बाद से पार्टी यहां वापसी नहीं कर पाई। पिछले चुनाव में यह सीट आरजेडी के खाते में गई। रफीगंज सीट से इस बार एनडीए गठबंधन से जेडीयू ने प्रमोद कुमार सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं महागठबंधन की ओर से अभी उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं हुआ है। रफीगंज सीट पर दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान होने वाले हैं। वहीं पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा। वोट काउंटिंग 14 नवंबर को होने वाली है। रफीगंज विधानसभा सीट का जातीय समीकरण क्या है और इस सीट का क्या इतिहास रहा है, आइए जानते हैं:
रफीगंज का क्या इतिहास है?
रफीगंज, औरंगाबाद जिले का दूसरा सबसे बड़ा नगर है। इसका नाम 19वीं सदी के जमींदार रफिउद्दीन अहमद के नाम पर है। जिन्होंने यहां अनाज के गोदाम बनाकर इस जगह को व्यापारिक केंद्र में बदला। रफिउद्दीन ने 1880 के दशक में रेलवे स्टेशन के लिए जमीन भी दान दी थी।
कब बनी रफीगंज विधानसभा सीट
रफीगंज विधानसभा सीट का गठन 1951 में हुआ था। अब तक इस सीट पर 17 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। शुरुआती चुनाव पर इस सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा। कांग्रेस ने यहां से 6 बार जीत हासिल की है। लेकिन 1990 के बाद से इस सीट पर कांग्रेस का कोई विधायक नहीं बन सका। 2010 और 2015 के विधानसभा चुनावों में यहां से जेडीयू को जीत मिली। जिसके बाद 2020 के चुनावों में आरजेडी ने इस सीट पर अपनी जीत का परचम लहराया। वर्तमान में इस सीट से मो. नेहालुद्दीन आरजेडी के विधायक हैं। जिन्होंने 9,429 के वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
2020 विधानसभा चुनाव का परिणाम
| राजनीतिक पार्टी | उम्मीदवार | कुल वोट |
| RJD | मो. नेहालुद्दीन | 63,325 |
| IND | प्रमोद कुमार सिंह | 53,896 |
| JDU | अशोक कुमार सिंह | 26,833 |
क्या है रफीगंज विधानसभा क्षेत्र जातीय समीकरण
रफीगंज विधानसभा सीट एक सामान्य सीट है। इस सीट पर ब्राह्मण, राजपूत, यादव और मुस्लिम समुदाय के वोटर निर्णायक भूमिका निभाते हैं। यहां पर अनुसूचित जाति के मतदाता 27.1 फीसदी हैं। वहीं मुस्लिम वोटर्स 14.3 फीसदी हैं। इस क्षेत्र में ज्यादातर ग्रामीण मतदाता है, केवल 7.54 फीसदी ही शहरी मतदाता हैं।
रफीगंज विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या
2020 के विधानसभा चुनाव के अनुसार रफीगंज विधानसभा क्षेत्र में वोटरों की कुल संख्या 3,30,654 थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में वोटरों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई, जिसके बाद मतदाता 3,39817 हो गए। साल 2020 में हुए चुनाव में केवल 56.08 फीसदी वोटरों ने ही अपने मतों का इस्तेमाल किया। इनमें से 43.92 फीसदी लोगों ने वोटिंग में हिस्सा ही नहीं लिया।
