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Aurangabad Assembly Elections 2025: राजपूतों का गढ़ औरंगाबाद सीट से कौन मारेगा बाजी, कांग्रेस की होगी हैट्रिक या BJP करेगी वापसी?

Aurangabad Assembly Constituency (औरंगाबाद विधानसभा सीट): बिहार विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान हो चुका है। सभी राजनीतिक पार्टियां जोरों-शोरों से चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई हैं। उम्मीदवारों के नाम भी सामने आने लगे हैं। इस बीच आइए जानते हैं कि औरंगाबाद विधानसभा सीट का क्या हाल है, चुनावी समीकरण क्या कहते हैं और पिछली बार किस पार्टी को जीत हासिल हुई थी।

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औरंगाबाद विधानसभा सीट

Aurangabad Assembly Constituency (औरंगाबाद विधानसभा सीट): औरंगाबाद विधानसभा सीट का इतिहास काफी पुराना रहा है। इस सीट पर पहली बार 1952 में चुनाव हुए थे। जिसके बाद से अब तक 17 बार चुनाव हो चुके हैं। औरंगाबाद सीट को लंबे समय से राजपूतों का गढ़ माना जाता रहा है। यहां पर राजूपत समुदाय की आबादी अधिक है। जिसके कारण स्थानीय राजनीति पर भी उनका वर्चस्व बना रहा है। इस सीट पर ज्यादातर राजपूत उम्मीदवारों ने ही जीत दर्ज की है। अब तक हुए कुल चुनावों में सिर्फ एक बार ही इस सीट पर गैर-राजपूत विधायक को चुना गया है।

औरंगाबाद सीट कब बनी?

औरंगाबाद विधानसभा सीट बिहार के औरंगाबाद जिले में आती है, यह सीट औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। 1951 में औरंगाबाद विधासनभा सीट का गठन हुआ था। शुरुआती चुनावों में इस सीट पर कांग्रेस का वर्चस्व रहा। यहां से कांग्रेस ने 8 बार जीत का परचम लहराया। एक समय ऐसा भी आया जब बीजेपी ने कांग्रेस को शिकस्त देकर इस सीट से अपनी पकड़ मजबूत की। भाजपा ने यहां से चार बार जीत दर्ज की। 2020 में औरंगाबाद सीट से पहली बार गैर-राजपूत प्रत्याशी सुरेश मेहता को आरजेडी से जीत मिली। पिछले दो चुनावों से यहां से कांग्रेस लगातार बीजेपी को मात दे रही है। 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में औरंगाबाद सीट से कांग्रेस के आनंद शंकर सिंह जीत दर्ज कर विधायक बने। उन्होंने बीजेपी के रामाधर सिंह को करीबी मुकाबले में शिकस्त दी थी। वहीं तीसरे पायदान पर बसा के अनिल कुमार रहे थे।

औरंगाबाद विधानसभा सीट से प्रत्याशी

  • त्रिविक्रम सिंह- BJP
  • आनंद शंकर सिंह- Congress

औरंगाबाद शहर का इतिहास

औरंगाबाद बिहार के दक्षिणी हिस्से में स्थित है, जहां का इतिहास काफी समृद्ध रहा है। यह क्षेत्र प्राचीन मगध साम्राज्य का भाग हुआ करता था। जहां पर कई महान शासकों जैसे बिंबिसार, अजातशत्रु, चंद्रगुप्त मौर्य, अशोक आदि का शासनकाल रहा है। शेरशाह सूरी के समय यह क्षेत्र रोहतास सरकार का भाग हुआ करता था। औरंगाबाद का नाम आमतौर पर मुगल शासक औरंगजेब से जोड़ा जाता है। लेकिन कुछ इतिहासकारों के अनुसार इस शहर के नाम का संबंध गोहद या गोहदपुर जैसे प्राचीन नामों से जुड़ा हुआ है।

2020 विधानसभा चुनाव का रिजल्ट

राजनीतिक पार्टीउम्मीदवारकुल वोट
कांग्रेसआनंद शंकर सिंह70,018
बीजेपीरामाधार सिंह67,775
बीएसपीअनिल कुमार18,444

क्या है औरंगाबाद विधानसभा क्षेत्र जातीय समीकरण

औरंगाबाद विधानसभा क्षेत्र में राजपूत मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। यहां पर 22 प्रतिशत राजपूत वोटर्स है, जो यहां की राजनीति में अहम भूमिका अदा करते हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति के मतदाता 21.64 प्रतिशत है, वहीं मुस्लिम वोटर 19 फीसदी है। यहां पर ग्रामीण वोटर 75 फीसदी से अधिक हैं।

औरंगाबाद विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या

औरंगाबाद विधानसभा क्षेत्र में 2020 के चुनावों में मतदाताओं की कुल संख्या 3,17,947 थी। जिनमें से 53.49 फीसदी लोगों ने वोट किया था। 2024 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान वोटरों की संख्या बढ़कर 3,24,885 हो गई।

बिहार चुनाव कब होंगे

बिहार में इस बार दो चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। पहले चरण का चुनाव 6 नवबंर को होगा और दूसरे चरण में 11 नवंबर को वोटिंग होगी। औरंगाबाद विधानसभा सीट पर दूसरे चरण में मतदान होंगे। इस दिन यहां की जनता अपने पसंदीदा उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए अपना कीमती वोट देगी। मतों की गिनती 14 नवंबर को की जाएगी।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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