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Bihar Assembly Elections 2025 Motihari Constituency: मोतिहारी विधानसभा सीट पर बड़ी जंग, बीजेपी को अपने गढ़ से मिलेगी कितनी चुनौती?

1951 में इसकी स्थापना के बाद से मोतिहारी में 17 बार विधानसभा चुनाव हुए हैं। शुरुआत में यह कांग्रेस का गढ़ था, जिसने 1952 से 1980 के बीच आठ में से सात चुनाव जीते।

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मोतिहारी विधानसभा सीट 2025

Bihar Assembly Elections 2025 Motihari Constituency: मोतिहारी वर्तमान में पूर्वी चंपारण जिले का मुख्यालय है और पूर्वी चंपारण लोकसभा सीट का हिस्सा है, जिसमें छह विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। 1951 में इसकी स्थापना के बाद से मोतिहारी में 17 बार विधानसभा चुनाव हुए हैं। शुरुआत में यह कांग्रेस का गढ़ था, जिसने 1952 से 1980 के बीच आठ में से सात चुनाव जीते। सिर्फ 1969 में ही भारतीय जनसंघ ने जीत हासिल की थी। इस सीट का इतिहास बेहद दिलचस्प है और यह अब भाजपा का गढ़ बन गया है।

बाद में मोतिहारी कम्युनिस्ट पार्टी का गढ़ बन गया, जहां भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेता त्रिवेणी तिवारी ने 1985 से 1995 के बीच लगातार तीन बार परचम लहराया। 2000 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने यह सीट जीती, लेकिन 2005 के बाद से यहां भाजपा ने पैठ जमा ली। तब से, भाजपा के प्रमोद कुमार लगातार पांच बार इस सीट से जीतते आ रहे हैं। वहीं राजद (RJD) लगातार दूसरे स्थान पर रही है। इस बार भी भाजपा और आरजेडी के बीच ही मुकाबला नजर आ रहा है।

14 नवंबर को चुनाव नतीजे

बता दें कि बिहार की सभी 243 सीट पर दो चरणों में चुनाव होंगे। पहले चरण के लिए 6 नवंबर को और दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को वोटिंग होगी। वहीं, चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को जारी किए जाएंगे। चुनाव को लेकर आयोग ने तमाम तैयारियां पूरी कर ली हैं।

बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 7.43 करोड़

सीईसी ज्ञानेश कुमार ने जानकारी दी कि बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 7.43 करोड़ है। इनमें लगभग 3.92 करोड़ पुरुष और करीब 3.50 महिला मतदाता हैं। उन्होंने बताया कि 1,725 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। करीब 7.2 लाख दिव्यांग मतदाता, 4.04 लाख 85 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक भी वोटर सूची में हैं, जबकि 100 साल के अधिक उम्र की मतदाताओं की संख्या 14 हजार है। फर्स्ट टाइम वोटर लगभग 14 लाख हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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