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Maner Assembly Election 2025: लड्डू की मीठास से लेकर चुनावी उतार-चढ़ाव तक, मनेर की सियासत में कौन भारी? जानें इस सीट का समीकरण

Maner Assembly Election 2025: मनेर विधानसभा सीट, पटना जिले की एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान वाली सीट है, जो गंगा-सोन के संगम पर बसी है। यह क्षेत्र धार्मिक आस्था, सूफी परंपरा और राजनीतिक प्रभाव का संगम माना जाता है। बिहार की सियासत में मनेर न सिर्फ अपनी मिठाइयों के लिए मशहूर है, बल्कि यहां के चुनावी समीकरण भी पूरे राज्य की राजनीति को दिशा देने का काम करते हैं।

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मनेर विधानसभा चुनाव 2025

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Maner Assembly Election 2025: पटना जिले के अंतर्गत आने वाली मनेर विधानसभा सीट सांस्कृतिक, धार्मिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जाती है। गंगा और सोन नदियों के संगम पर स्थित यह क्षेत्र सूफी संतों की पावन धरती होने के साथ-साथ बिहार की राजनीति में भी निर्णायक भूमिका निभाता रहा है। मनेर का इतिहास न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि यह बौद्ध और जैन परंपराओं का केंद्र भी रहा है। अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ यह क्षेत्र ‘मनेर के लड्डू’ जैसी प्रसिद्ध मिठाई के लिए भी जाना जाता है। कहा जाता है कि सोन नदी के मीठे पानी से तैयार किए गए इन लड्डुओं का स्वाद पूरे बिहार में बेमिसाल होता है। नेशनल हाईवे के किनारे स्थित मिठाई की दुकानों पर इनकी खूब मांग रहती है। राजनीतिक रूप से भी यह विधानसभा सीट हमेशा चर्चा में रहती है।

राजनीतिक में उतार-चढ़ावों का दौर

मनेर विधानसभा क्षेत्र ने बिहार की राजनीति में कई उतार-चढ़ावों का दौर देखा है। यहां की सियासत में यादव समुदाय की अहम भूमिका रही है, जो करीब 26% मतदाताओं के साथ चुनावी परिणामों पर निर्णायक प्रभाव डालता है। कहा जाता है कि जो भी दल इस समुदाय का भरोसा जीत लेता है, उसकी जीत लगभग सुनिश्चित हो जाती है। यह क्षेत्र पाटलिपुत्र लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है। वर्ष 2009 में लालू प्रसाद यादव ने यहीं से चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। बाद में उनकी बेटी मीसा भारती ने 2024 के लोकसभा चुनाव में विजय हासिल कर एक बार फिर पार्टी की पकड़ इस क्षेत्र में मजबूत की।

मनेर में मतदाताओं की संख्या

मनेर विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 2020 में 3,25,625 थी, जो बढ़कर 2024 में 3,43,468 हो गई। यहां अनुसूचित जाति के मतदाता 13.48%, मुस्लिम मतदाता 5.1%, और शहरी वोटर लगभग 20% हैं। इस सीट पर अब तक कांग्रेस 7 बार, राजद 5 बार, और निर्दलीय प्रत्याशी 2 बार जीत हासिल कर चुके हैं। राजद का इस सीट पर लगातार मजबूत प्रभाव रहा है। भाई वीरेंद्र, जो वर्तमान विधायक हैं, उन्होंने 2010, 2015 और 2020 — तीनों विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की है।

क्या होगा 2025 के चुनाव में?

2020 के चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार निखिल आनंद को पराजित कर हैट्रिक पूरी की थी, जबकि 2015 में उन्होंने श्रीकांत निराला को 22,828 वोटों के अंतर से हराया था। आगामी चुनाव में एनडीए की ओर से जितेंद्र यादव को लोजपा (रामविलास) के टिकट पर मैदान में उतारा गया है, जबकि राजद ने एक बार फिर भाई वीरेंद्र पर भरोसा जताया है, जो इस बार लगातार चौथी जीत दर्ज करने के इरादे से चुनावी मैदान में हैं। पहले चरण में यहां 6 नवंबर को मतदान होगा, जबकि 14 नवंबर को मतगणना की जाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार मनेर की जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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