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Jamalpur Assembly Constituency: जमालपुर नहीं है किसी की सेफ सीट; इस बार बदलेगा मिजाज या वापसी करेगी कांग्रेस?

Jamalpur Assembly Constituency (जमालपुर विधानसभा सीट): मुंगेर जिले की जमालपुर विधानसभा एक ऐसी सीट है जहां किसी एक पार्टी का वर्चस्व नहीं है। यहां की जनता किसी एक पार्टी से परे हटकर सबको एक-एक बार मौका देते हुए अदला-बदली कर प्रत्याशी को जिताती है। आइए जानते हैं जमालपुर सीट का इस बार समीकरण कैसा है।

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जानें क्या है जमालपुर सीट का समीकरण

Photo : Times Now Digital

Jamalpur Assembly Constituency (जमालपुर विधानसभा सीट): बिहार के मुंगेर जिले की जमालपुर विधानसभा सीट राजनीतिक नजर से हमेशा से दिलचस्प रही है। 1951 में स्थापित यह क्षेत्र मुंगेर लोकसभा सीट के छह विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। जमालपुर अपनी राजनीतिक विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि दोनों के लिए जाना जाता है। यहां के मतदाता कभी किसी एक विचारधारा तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने समय-समय पर अलग-अलग दलों को समर्थन देकर लोकतंत्र की सच्ची भावना को जीवित रखा है।

कोई स्थायी दबदबा नहीं

अब तक जमालपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 17 चुनाव हो चुके हैं। इन चुनावों में कई दलों ने जीत का स्वाद चखा, लेकिन किसी एक पार्टी का लंबे समय तक वर्चस्व नहीं रह सका। कांग्रेस ने इस सीट पर चार बार जीत दर्ज की, जिसमें 2020 की जीत 58 वर्षों बाद आई। जनता दल (यूनाइटेड) ने भी चार बार जीत हासिल की, जबकि जनता पार्टी और जनता दल को दो-दो बार सफलता मिली। इसके अलावा संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, भाकपा, भारतीय जनसंघ (अब भाजपा), लोकदल और राजद ने एक-एक बार इस सीट पर जीत दर्ज की।

इस चुनाव में क्या है जमालपुर का हाल-चाल

2005 से 2020 तक यह सीट जदयू के कब्जे में रही, जबकि 2020 में कांग्रेस ने यहां वापसी की। ताजा आंकड़ों के अनुसार, जमालपुर विधानसभा क्षेत्र में 3,28,328 मतदाता हैं, जिनमें 1,75,204 पुरुष और 1,53,113 महिला वोटर शामिल हैं। थोड़ा चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो 1995 में जनता दल के उपेंद्र प्रसाद वर्मा, 2000 में आरजेडी के उपेंद्र प्रसाद वर्मा, 2005, 2010 और 2015 में जदयू के शैलेश कुमार, जबकि 2020 में कांग्रेस के अजय कुमार सिंह ने जीत दर्ज की थी।

जमालपुर में कब होंगे चुनाव (Jamalpur Election Date):

नोटिफिकेशन की तारीख10 अक्टूबर 2025
नामांकन की आखिरी तारीख17 अक्टूबर 2025
नामांकन जांच की आखिरी तारीख18 अक्टूबर 2025
नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख20 अक्टूबर 2025
मतदान6 नवंबर 2025
चुनाव नतीजे14 नवंबर 2025

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

मुंगेर से मात्र 9 किलोमीटर दक्षिण में गंगा तट पर बसा जमालपुर एक छोटा लेकिन ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण शहर है। इसे मुंगेर का जुड़वां शहर कहा जाता है। 1862 में ब्रिटिश शासनकाल में इसे एक रेलवे बस्ती के रूप में बसाया गया था। इसी दौरान यहां स्थापित हुआ ब्रिटिशकालीन लोकोमोटिव वर्कशॉप, जो आज भी जमालपुर की पहचान है। इसके अलावा यहां स्थित भारतीय यांत्रिक एवं विद्युत अभियांत्रिकी संस्थान (IRIMEE) ने इसे तकनीकी और शैक्षिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बना दिया है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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