Atri Assembly Constituency (अत्री विधानसभा सीट): अत्री विधानसभा सीट गयाजी जिले में आने वाली बिहार की एक चर्चित सीट है। यह सीट जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र के अंदर आती है। माउंटेन मैन के नाम से मशहूर दशरथ मांझी का गांव गहलौर भी इसी विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। अत्री सीट को आरजेडी का मजबूत गढ़ माना जाता है। पिछले चुनाव में भी यह सीट आरजेडी के खाते में गई। यहां के मौजूदा विधायक अजय यादव हैं, जिन्होंने जेडीयू की मनोरमा देवी को हराया था। इस बार के चुनाव में आरजेडी और हम पार्टी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है। महागठबंधन के राजद ने वैजयंती देवी को इस सीट से मैदान में उतारा है। वहीं NDA से हम पार्टी ने रोमित कुमार को प्रत्याशी बनाया है। अत्री सीट पर दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान होंगे।
अत्री विधानसभा सीट का चुनावी समीकरण
अत्री विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है। साल 1951 में यह सीट अस्तित्व में आई। जिसपर पहली बार 1952 में चुनाव हुए। जिसमें निर्दलीय प्रत्याशी को यह सीट मिली। अत्री सीट पर अब तक कुल 17 बार चुनाव हो चुके हैं। एक समय पर यहां कांग्रेस का दबदबा था। कांग्रेस ने 6 बार इस सीट को अपने नाम किया। लेकिन 1990 के बाद यहां कांग्रेस का कोई विधायक नहीं बना। जिसके बाद राजद ने यहां मजबूत पकड़ बना ली। जिसने अब तक 5 बार इस सीट से जीत हासिल की है। पिछले दो चुनाव में इस सीट पर राजद ने जीत दर्ज की।
अत्री विधानसभा सीट से उम्मीदवार
- वैजयंती देवी - RJD
- रोमित कुमार - HAM
अत्री विधानसभा सीट का जातीय समीकरण
अत्री विधानसभा क्षेत्र पूरी तरह से ग्रामीण है। जहां पर 2020 के विधानसभा चुनाव में वोटरों की कुल संख्या 3,10,443 थी। 55.42 वोटरों ने इस चुनाव में मतदान किया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में वोटरों की संख्या बढ़कर 3,14,696 हो गई। अत्री सीट पर अनुसूचित जाति के कुल वोटर 31.03 फीसदी हैं। वहीं 6.3 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स हैं। यहां महादलित समुदाय के लोग बड़ी तादाद में हैं, जिनका वोट इस क्षेत्र में निर्णायक की भूमिका निभाता है। इस क्षेत्र में ब्राह्मण, राजपूत और भूमिहार करीब 15 प्रतिशत हैं। इसके अलावा यादव समुदाय की आबादी करीब 20 फीसदी है।
