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'तेजस्वी प्रण' में बिहार के लिए क्या-क्या? महागठबंधन के घोषणापत्र के 10 बड़े वादे, जिसके भरोसे जनता को लुभाएगी 'इंडिया'

Bihar Assembly Elections 2025 (तेजस्वी यादव के चुनावी वादे) : महागठबंधन ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए ‘तेजस्वी प्रण’ नाम से अपना संयुक्त घोषणापत्र जारी किया, जिसमें वादा किया गया कि उसकी सरकार बनने के 20 दिन के भीतर एक विधेयक लाकर हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। आइये जानते हैं पूरे घोषणा पत्र को किस तरह से डिजाइन किया गया है और सरकार बनने पर कौन से वादे पूरे करने का वादा किया गया है?

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महागठबंधन तेजस्वी प्रण के वादे

Bihar Assembly Elections 2025 : महागठबंधन ने मंगलवार को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया, जिसमें अन्य बातों के अलावा, हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया गया है। 32 पृष्ठों का 'बिहार का तेजस्वी प्रण' (तेजस्वी का संकल्प) एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जारी किया गया, जहां RJD नेता तेजस्वी यादव के साथ महागठबंधन के सहयोगी भी मौजूद थे। बिहार चुनाव के लिए इंडिया ब्लॉक (महागठबंधन) के घोषणापत्र में 25 प्रमुख बिंदु सामने रखे हैं। तेजस्वी यादव ने घोषणापत्र जारी करते हुए कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के 20 दिनों के भीतर रोज़गार गारंटी वाला एक नया कानून लाया जाएगा और 20 महीनों के भीतर पूरे बिहार में रोज़गार गारंटी योजना लागू की जाएगी। घोषणापत्र में कहा गया है कि बिहार सरकार के सभी विभागों में कार्यरत सभी संविदा कर्मचारियों को स्थायी किया जाएगा। साथ ही, सभी 'जीविका दीदियों' को स्थायी किया जाएगा और उन्हें 30,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा।

एनडीए को सबक सिखाएगे-तेजस्वी

महागठबंधन के घोषणापत्र में आईटी पार्क, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड), डेयरी और कृषि आधारित उद्योग, एक शिक्षा नगर और राज्य में पाँच नए एक्सप्रेसवे बनाने का भी वादा किया गया है। तेजस्वी ने कहा कि बिहार की जनता अपराध-मुक्त और घोटाला-मुक्त शासन चाहती है... वे चुनावों में एनडीए को सबक सिखाएगे। लोग ऐसी सरकार चाहते हैं जो 'पढ़ाई' (बेहतर शिक्षा), 'दवाई' (बेहतर स्वास्थ्य सुविधाए), 'कमाई' (रोज़गार) और 'सिंचाई' (बेहतर सिंचाई सुविधाए) प्रदान करे।

एनडीए के पास बिहार के लिए कोई विजन नहीं - तेजस्वी

तेजस्वी ने कहा कि एनडीए के पास बिहार के लिए कोई विजन नहीं है... उन्होंने अभी तक चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी नहीं किया है... भाजपा नेताओं और भ्रष्ट अधिकारियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कठपुतली बना दिया है। भाजपा अपने हितों को आगे बढ़ाने के लिए नीतीश कुमार का इस्तेमाल कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि नीतीश सीएम का चेहरा नहीं होंगे।

बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद शुल्क अधिनियम पूरी तरह विफल हो गया है। यादव ने कहा कि अगर भारत ब्लॉक सत्ता में आता है, तो हम ताड़ी पर से प्रतिबंध हटा देंगे। घोषणापत्र बिहार के विकास का रोडमैप है। यह राज्य को नंबर वन बनाने का संकल्प है। घोषणापत्र जारी करने वाले स्थान पर एक बैनर लगाया गया था जिसमें सभी प्रमुख इंडिया ब्लॉक नेताओं की तस्वीरें थीं।

घोषणापत्र जारी होने के अवसर पर इंडिया ब्लॉक के सभी प्रमुख नेता मौजूद थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने अपनी पार्टी का प्रतिनिधित्व किया, वहीं भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश साहनी और इंडिया ब्लॉक के अन्य नेता भी मौजूद थे। पवन खेड़ा और यादव ने बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बुधवार को बिहार चुनाव के लिए इंडिया ब्लॉक के प्रचार अभियान में शामिल होंगे।

बिहार में महागठबंधन के मुख्य वादें

  • सरकार बनने के 20 दिन के भीतर ही बिहार के हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के लिए विधेयक लाया जाएगा।
  • सभी 'जीविका दीदियों' को स्थायी किया जाएगा और उन्हें 30,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा।
  • सरकार के पांच साल के कार्यकाल के दौरान सवा करोड़ रोजगार का सृजन किया जाएगा।
  • 200 यूनिट मुफ्त बिजली
  • पुरानी पेंशन योजना की बहाली
  • जन स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति को 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा।
  • पंचायत और नगर निकायों में अति पिछड़े वर्गों के लिए वर्तमान 20% आरक्षण को बढ़ाकर 30% किया जाएगा। अनुसूचित जातियों (एससी) के लिए यह सीमा 16% से बढ़ाकर 20% की जाएगी, और अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के लिए आरक्षण में भी आनुपातिक वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।
  • किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सभी फसलों की खरीद की गारंटी देने और मंडी एवं बाज़ार समितियों को पुनर्जीवित करने का संकल्प
  • सभी संभाग, अनुमंडल और ब्लॉक स्तर पर मंडियां खोलने औप एपीएमसी अधिनियम को बहाल किया जाएगा।
  • दलितों, अनुसूचित जनजाति, अतिपिछड़े, पिछड़े वर्ग के भूमिहीन लोगों को शहरी क्षेत्र में तीन डिसमिल (भूमि माप की इकाई) तथा ग्रामीण क्षेत्र में पांच डिसमिल आवासीय भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
  • वक्फ संशोधन विधेयक (कानून) पर रोक लगाई जाएगी और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को पारदर्शी बनाते हुए इसे समुदाय के लिए अधिक कल्याणकारी और उपयोगी बनाया जाएगा।
  • सांप्रदायिक उन्माद, उत्पात, हिंसा, ‘हेट स्पीच’ और ‘मॉब लिंचिंग’ पर सख्त रोक लगाई जाएगी।
  • आर्थिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े मुस्लिम समुदाय की समानता और उन्नति सुनिश्चित करने के लिए सच्चर समिति की सिफारिशों को लागू किया जाएगा।
Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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