Rajasthan Chunav Result News: राजस्थान के निवर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) लोकेश शर्मा ने मंगलवार को आरोप लगाया कि 2020 में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की बगावत से पहले और उस दौरान पायलट की गतिविधियों और फोन को गहलोत नीत सरकार द्वारा ‘ट्रैक’ किया गया था।
गहलोत और पायलट की ओर से नहीं आई कोई प्रतिक्रिया
आरोपों पर कांग्रेस नेता गहलोत और पायलट या उनके सहयोगियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। शर्मा को राजस्थान विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट से वंचित कर दिया गया था और चुनाव में पार्टी की हार के लिए वह गहलोत पर निशाना साध रहे हैं। लोकेश शर्मा ने कहा कि अगर पिछले साल सितंबर की घटनाएं नहीं होतीं, जब विधायक दल की बैठक को गहलोत के वफादारों ने नहीं होने दिया था और कांग्रेस पर्यवेक्षकों ने उस एजेंडे को पूरा किया होता जिसके लिए वे आए थे, तो राजस्थान में तस्वीर इससे कुछ अलग होती। कांग्रेस नेतृत्व नेतृत्व परिवर्तन करना चाहता था और पायलट को मुख्यमंत्री बनाना चाहता था। उन्होंने कहा कि गहलोत और पायलट के बीच मतभेदों ने पार्टी की संभावनाओं को "नुकसान" पहुंचाया।
कांग्रेस की हार के लिए अशोक गहलोत को ठहराया जिम्मेदार
इससे पहले राजस्थान के निवर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) रहे लोकेश शर्मा ने राज्य में कांग्रेस की हार के लिए गहलोत को जिम्मेदार ठहराया था। शर्मा इस विधानसभा चुनाव में टिकट मांग रहे थे। हालांकि, पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया। राज्य में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद शर्मा ने रविवार को सोशल मीडिया मंच पर जारी एक पोस्ट में गहलोत पर निशाना साधा। शर्मा ने लिखा था, 'कांग्रेस पार्टी राजस्थान में निःसंदेह रिवाज बदल सकती थी, लेकिन अशोक गहलोत जी कभी कोई बदलाव नहीं चाहते थे। यह कांग्रेस की नहीं बल्कि अशोक गहलोत की शिकस्त है।'
गहलोत ने पार्टी को फिर हाशिये पर ला दिया- लोकेश शर्मा
लोकेश शर्मा के अनुसार इस विधानसभा चुनाव में, 'गहलोत के चेहरे पर, उनको खुली छूट देकर, उनके नेतृत्व में पार्टी ने चुनाव लड़ा और उनके मुताबिक प्रत्येक सीट पर वे स्वयं चुनाव लड़ रहे थे। न उनका अनुभव चला, न जादू और हर बार की तरह कांग्रेस को उनकी योजनाओं के सहारे जीत नहीं मिली और न ही अथाह ‘पिंक प्रचार’ (महिला केंद्रित) काम आया।' उन्होंने लिखा है, 'तीसरी बार लगातार मुख्यमंत्री रहते हुए गहलोत ने पार्टी को फिर हाशिये पर लाकर खड़ा कर दिया। आज तक पार्टी से सिर्फ़ लिया ही लिया है लेकिन कभी अपने रहते पार्टी की सत्ता में वापसी नहीं करवा पाए गहलोत।'
गहलोत के ओएसडी शर्मा ने कहा था, 'आज के ये नतीजे तय थे। मैं स्वयं मुख्यमंत्री को यह पहले बता चुका था, कई बार आगाह कर चुका था लेकिन उन्हें कोई ऐसी सलाह या व्यक्ति अपने साथ नहीं चाहिए था जो सच बताए।' शर्मा ने कहा कि 'उन्होंने बीकानेर और फिर भीलवाड़ा से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी लेकिन गहलोत कोई नया प्रयोग नहीं कर सके। पोस्ट के मुताबिक बीडी कल्ला के लिए शर्मा ने छह महीने पहले बता दिया था कि वे 20 हजार से ज्यादा मत से चुनाव हारेंगे और वही हुआ।
