Uttarakhand New CM: तो धामी फिर से बनेंगे मुख्यमंत्री? चंपावत के विधायक ने की सीट छोड़ने की पेशकश

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 11, 2022, 07:39 AM IST

Pushkar Singh Dhami News: उत्तराखंड चुनाव में भाजपा ने इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल कर ली है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के चुनाव हारने के बाद भी उनके सीएम बनने की संभावनाएं बनी हुई हैं।

Uttarakhand New CM: तो धामी फिर से बनेंगे मुख्यमंत्री? चंपावत के विधायक ने की सीट छोड़ने की पेशकश

Uttarakhand New CM News: उत्तराखंड चुनाव में भले ही बीजेपी ने शानदार जीत हासिल की हो लेकिन उसे सबसे बड़ा झटका ये लगा कि मौजूदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी पारंपरिक सीट को नहीं बचा सके। धामी की हार के बाद बीजेपी के सामने अब सीएम पद को लेकर संकट खड़ा हो गया है। हालांकि पार्टी के पास चेहरों की कमी नहीं है लेकिन जिस तरह एक कम समय में धामी ने सभी वर्गों में अपनी पैठ बनाई, उसका बीजेपी को तो फायदा मिला लेकिन धामी खुद फायदा नहीं ले सके। ऐसे में अब सवाल खड़ा हो गया है कि उत्तराखंड में बीजेपी का अगला सीएम कौन होगा।  इस बीच चंपावत सीट से बीजेपी के टिकट पर दूसरी बार जीते कैलाश गहतोड़ी ने धामी को फिर से सीएम बनाने के लिए अपनी सीट छोड़ने की पेशकश की है।

क्या कहा गहतोड़ी ने

हेमेश खर्कवाल को पटखनी देकर चुनाव जीतने वाले कैलाश गहतोड़ी ने पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए कहा 'यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं, लेकिन धामी के नेतृत्व में भाजपा ने लगातार दूसरी बार राज्य में अपनी सरकार बनाई है। 6 महीने के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने प्रदेश में कई अहम कार्य किए जिसकी बदौलत राज्य में फिर से बीजेपी की सरकार बन रही है। मैं पार्टी से उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाने की मांग करता हूं। अगर वह सीएम बनते हैं तो उनके लिए मैं अपनी सीट छोडऩे के लिए तैयार हूं।' 

तो ममता वाला फॉर्मूला अपनाएगी बीजेपी?

जिस तरह बंगाल में चुनाव हार जाने के बाद भी ममता बनर्जी सीएम बनी थी क्या बीजेपी उसी तरह का फॉर्मूला उत्तराखंड में अपनाएगी, यह सवाल हर किसी के मन में उठ रहा है। चर्चा है कि भाजपा फिर से धामी को किसी सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ाकर सीएम बना सकती है। धामी की हार को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी हैं लेकिन कई वर्ग ऐसे हैं जो उन्हें फिर से सीएम देखना चाहते हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा राज्य की बागडोर किसे देती है।

End of Article