नई दिल्ली: एक बार फिर देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकारी आती दिख रही है और 2017 से पहले समाजवादी पार्टी, अखिलेश यादव सरकार की वापसी की उम्मीद को झलका लगता दिख रहा है। साल 2017 में 47 सीटें अपने नाम करने वाली सपा की सीटों में जरूर इजाफा हुआ है लेकिन बहुमत या सरकार बनाने में सक्षम होने के आंकड़े से पार्टी बहुत दूर है। 125 से ज्यादा सीटों पर समाजवादी पार्टी ने बढ़त बनाई हुई है।
यूपी चुनाव के नतीजों के रुझान भले ही बीजेपी के पक्ष में और सपा से दूर जाते दिख रहे हों लेकिन सपा अंतिम परिणाम तक हार मानने को तैयार नहीं है। समाजवादी पार्टी का अपने कार्यकर्ताओं से कहना है कि टीवी के रुझानों से प्रभावित हुए बिना वह मतगणना केंद्रों पर तब तक डटे रहें जब तक कि अंतिम परिणाम नहीं आ जाते ताकि कोई गड़बड़ी ना हो सके।
आगे सपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी ने कहा, 'ये रुझान प्रामाणिक नहीं हैं ,परसेप्शन बनाया जा रहा है कि भाजपा जीत रही है ,जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ा जा सके और 3 बजे के बाद बेईमानी को मूर्त रूप दिया जा सके। कार्यकर्ताओं से अपील है कि आखिरी परिणामों तक मौके पर डटे रहें!'
पार्टी का कहना है, 'सपा कार्यकर्ताओं से अपील है कि मौके पर डटे रहे, नजदीकी अंतर से जीत हार वाले बूथों और सीटों पर बेईमानी करने की भाजपाई योजना प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर करने की है, इस बेईमानी को निष्फल करना सपा कार्यकर्ताओं और जनता का प्रयास होना चाहिए, मौके पर डटे रहे ,सपा जीतेगी!'
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर पूर्ण बहुमत की सरकार की ओर आगे बढ़ रही है और ऐसा लंबे समय बाद होगा जब उत्तर प्रदेश की जनता किसी सरकार के शासन को लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का जनादेश दे रही है।

