Akhilesh Yadav On Opposition Alliance Seat Sharing: विपक्षी दलों के गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूजिव अलायंस (INDIA) में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला कब सेट होगा? इस सवाल का जवाब हर कोई जानना चाहता है। लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी खेमे का सबसे बड़ा सिरदर्द यही है। ऐसे में सभी पार्टियां अपनी-अपनी ताकत झोंकने में जुटी हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी बड़ा दावा किया है।
गठबंधन में सीट शेयरिंग पर कब बनेगी बात?
अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' में सीटों के बंटवारे पर सभी फैसले सूर्य के उत्तरायण में आते ही हो जाएंगे। जब मीडिया ने अखिलेश से इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस में सीट बंटवारे सहित अन्य फैसलों को लेकर सवाल पूछा तो उसके जवाब में उन्होंने कहा कि 'सपा अन्य दलों के साथ मिलकर बहुत जल्द फैसला ले लेगी। सूर्य को उत्तरायण में आने दो। सूर्य के उत्तरायण में आते ही सभी फैसले हो जायेंगे।' बता दें, मकर संक्रांति (14 जनवरी) से सूर्य उत्तरायण होते हैं।
सीट शेयरिंग पर विपक्षी दलों के बीच आपसी तकरार
साल 2024 आ चुका है, इसी साल देश में आम चुनाव होने हैं। विपक्षी पार्टियों का गठबंधन एकजुटता के तमाम दावे कर रहा है, मगर हकीकत किसी से नहीं छिपी है। कई दलों के बीच माथापच्ची का दौर जारी है। कांग्रेस बनाम टीएमसी, कांग्रेस बनाम सपा, कांग्रेस बनाम आप... ऐसे में विपक्षी गठबंधन INDIA कितनी एकजुट है, समझाने और बताने की जरूरत नहीं है। लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी जोरों पर है, मगर सीट शेयरिंग को लेकर सभी पार्टियां आपस में उलझी हुई है। कई राज्यों में कांग्रेस के साथ उसकी सहयोगी पार्टियों से ठनी हुई है। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा शामिल है।
अखिलेश यादव को मायावती पर नहीं है भरोसा
सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने बसपा अध्यक्ष मायावती के ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल होने पर गठबंधन के मजबूत होने को लेकर पूछे जाने पर मायावती पर भरोसे के संकट की बात कही। यादव ने पलटकर पत्रकारों से सवाल किया कि 'उसके बाद का भरोसा आप दिलाएंगे। बाद का भरोसा आप में से कौन दिलायेगा।'
क्या पीएम बनना चाहते हैं अखिलेश यादव?
प्रधानमंत्री पद की दावेदारी के सवाल पर यादव ने कहा 'कभी कभी कम (सीटों) वाले भी प्रधानमंत्री बनते हैं पर, हमारे लिए मुख्य यह है कि भाजपा हारे।' उन्होंने कहा, 'सवाल यह नहीं है कि कौन किस पद पर बैठेगा। यहां के प्रधानमंत्री (चंद्रशेखर) रहे हैं। आप इन बातों को समझते हो और परिस्थितियों को भी समझते हो...।' चंद्रशेखर 1990 में अपनी पार्टी के कम सांसदों के बावजूद कांग्रेस के समर्थन से प्रधानमंत्री बने थे।
अखिलेश यादव ने राम मंदिर पर भाजपा को कोसा
राम मंदिर को लेकर चुनावी लाभ उठाने की चर्चा पर उन्होंने कहा, 'धर्म, राजनीति का हिस्सा नहीं हो सकता। भाजपा को आय दोगुनी (किसानों) हुई कि नहीं, युवाओं को रोजगार मिला कि नहीं, इन सवालों का जवाब देना पड़ेगा।' सपा प्रमुख ने कहा, 'भाजपा के पास इन सवालों का जवाब नहीं है, इसलिए वह धर्म के पीछे छिप जाती है।' राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'भाजपा के लोग कह रहे हैं कि जिसके पास निमंत्रण पत्र होगा, वही जायेगा। हमारा पक्ष ये है कि भगवान जब बुलाएंगे तो भाजपा भी नहीं रोक पाएगी।'
केंद्र की मोदी सरकार को अखिलेश ने दी ये नसीहत
अखिलेश यादव ने सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सरकार को नसीहत दी कि जिस किसी भी सरकार ने जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया है, वह सत्ता से हमेशा बाहर हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की न्याय यात्रा में शामिल होने को लेकर पूछे जाने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। यादव ने कहा, 'यात्रा हो अच्छी बात है, लेकिन सभी दल चाहते हैं कि यात्रा से पहले टिकट और सीटों का बंटवारा हो। जब सीट बंटवारा हो जायेगा तो बहुत से लोग अपने आप सहयोग करने निकल पड़ेंगे, क्योंकि जो प्रत्याशी चुनाव लड़ने वाला होगा पूरी जिम्मेदारी से दिखाई देगा।'
