Nepal Flash Flood Death Toll 469: मध्य नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 469 हो गई। आपदा के बाद तीसरे दिन भी तलाश एवं बचाव अभियान जारी रहने के बीच और शव बरामद किए गए। नेपाल पुलिस ने एक बयान में कहा कि आठ जिलों से शव बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, चितवन से 178, नवलपरासी पूर्व से 110, गोरखा से 44, नुवाकोट से 37 और धादिंग जिले से 33 शव बरामद किए गए हैं। इसी तरह तनाहू से 28, नवलपरासी पश्चिम से 27 और रसुवा से 12 शव बरामद किए गए हैं।
तीसरे दिन भी तलाश और बचाव अभियान जारी
अब तक प्रभावित इलाकों से 1,545 घायलों और फंसे हुए लोगों को निकाला जा चुका है। इनमें से 84 लोगों का काठमांडू के विभिन्न अस्पतालों में इलाज हो रहा है। बयान के अनुसार, इस त्रासदी के बाद तीसरे दिन भी तलाश और बचाव अभियान जारी रहा। अभियान में 7,451 सुरक्षाकर्मी जुटे हुए हैं जिनमें नेपाल सेना के 2,391 जवान शामिल हैं।
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के ढहने से बर्फ और चट्टानों का मलबा तेजी से नीचे आ गया जिससे बुधवार को पानी, कीचड़ और मलबे का सैलाब मध्य नेपाल से होकर नीचे की ओर बह निकला। इस आपदा ने कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई तथा कई मकान, वाहन, सड़कें और पुल बह गए। इसके कारण जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा।
चीन ने जारी किया अलर्ट
चीन ने तिब्बत-नेपाल सीमा पर अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद ’लेवल-चार’ का अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि दो नदियों के संगम के पास बनी एक नई 'अवरोधक झील' के टूटने का खतरा काफी बढ़ गया है जिससे निचले इलाकों में भीषण बाढ़ आ सकती है। अवरोधक झील वह झील होती है जो किसी प्राकृतिक रुकावट के कारण नदी या जलधारा का रास्ता बंद हो जाने से बनती है।
चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने बृहस्पतिवार रात तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की और छोचेन खोला तथा पुरेपु त्संगपो नदियों के संगम के पास बनी इस 'अवरोधक झील' से पैदा हुए खतरे को लेकर आगाह किया। ये दोनों नदियां तिब्बत से निकलती हैं और नेपाल में भोटे कोशी नदी की धारा का हिस्सा हैं।
