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हरियाणा में आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं! जानें कहां अटक गई बातचीत, किसे पछताना पड़ेगा

Haryana Election: कांग्रेस को उम्मीद थी कि आम आदमी पार्टी के साथ उसकी बात बन जाएगी, लेकिन दोनों पार्टियों के बीच बात अटक गई और हरियाणा चुनाव के लिए गठबंधन पर गतिरोध तेज हो गया। इसी बीच आप ने इशारों में कांग्रेस पर हमला बोला और कहा कि पार्टी को कम आंकने वालों को पछताना पड़ेगा।

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आप-कांग्रेस के बीच हरियाणा में नहीं बनी बात।

Photo : Times Now Digital

AAP vs Congress in Haryana: हरियाणा में विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर अनिश्चितता के बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को चेतावनी दी कि जो लोग पार्टी को 'कम आंकते हैं', उन्हें पछताना पड़ेगा। आप के राष्ट्रीय सचिव (संगठन) संदीप पाठक ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पार्टी हरियाणा में सभी 90 सीटों पर पूरी ताकत से चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।

'उन्हें भविष्य में खुद ही इसका पछतावा होगा'

आप नेता ने कहा, 'हम पूरी तरह से तैयार हैं और पार्टी के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही हमें हरी झंडी मिलेगी, हम सब चीजों की घोषणा कर देंगे। हम सभी सीटों पर पूरी ताकत से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं और जो लोग हमें कम आंक रहे हैं, उन्हें भविष्य में खुद ही इसका पछतावा होगा।'

आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन की बातचीत सीट बंटवारे को लेकर अटक गई है। अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, आप ने 10 सीटों की मांग की है, जबकि कांग्रेस पांच से सात सीटों की पेशकश कर रही है। हरियाणा में पांच अक्टूबर को मतदान होगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 12 सितंबर है।

सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार AAP

इससे पहले दिन में आप की मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि बातचीत चल रही है और उम्मीद जताई कि कोई न कोई निष्कर्ष निकलेगा। जब उनसे पूछा गया कि अगर आप कांग्रेस के साथ गठबंधन करती है तो वह कितनी सीट पर चुनाव लड़ेगी, तो उन्होंने कहा, 'बातचीत चल रही है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।'

आम आदमी पार्टी हरियाणा में लगातार प्रचार अभियान चला रही है। पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल शनिवार को राज्य में जनसभाएं करेंगी। कक्कड़ ने कहा, 'हम सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।'

गठबंधन को लेकर बातचीत टूट की कगार पर

आप सूत्रों ने शुक्रवार को दावा किया कि गठबंधन को लेकर बातचीत 'टूटने' के कगार पर है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि पार्टी 50 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है और रविवार को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची की घोषणा कर सकती है। विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दल आप और कांग्रेस ने हरियाणा, गुजरात और दिल्ली में गठबंधन करके लोकसभा चुनाव लड़ा था।

हरियाणा में आप ने कुरुक्षेत्र सीट पर चुनाव लड़ा, जहां उसके राज्य इकाई प्रमुख सुशील गुप्ता भाजपा के नवीन जिंदल से हार गए।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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