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Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली के चुनावी दंगल में कुल कितने उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन? निर्वाचन आयोग ने बताया सबकुछ

Delhi Assembly Elections: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन का सिलसिला शुक्रवार को थम गया है। निर्वाचन आयोग ने इससे जुड़ी जानकारी साझा की है। आयोग की ओर से ये बताया गया है कि कुल 981 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाने के लिए नामांकन दाखिल किया है। आपको तफसील से सबकुछ समझाते हैं।

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दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कितने उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन?

दिल्ली चुनाव 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव में किस पार्टी का दबदबा दिखेगा और किसका दम निकलेगा? इस सवाल का जवाब 8 फरवरी को मिल जाएगा, जब विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आएंगे। इस बीच निर्वाचन आयोग ने दिल्ली चुनाव में किस्मत आजमा रहे उम्मीदवारों से जुड़े कई अहम आंकड़े जारी किए हैं। बताया गया है कि दिल्ली के दंगल में 980 से अधिक उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया है।

981 उम्मीदवारों ने कुल 1521 नामांकन पत्र दाखिल किए

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने बताया है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 981 उम्मीदवारों ने कुल 1,521 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 17 जनवरी को कुल 680 नामांकन पत्र दाखिल किए गए। उम्मीदवारों की जांच आज की जाएगी, जबकि नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 20 जनवरी है। इनमें सभी 70 विधानसभा सीटों का सारा गणित बताया गया है।

चुनाव से पहले आचार संहिता उल्लंघन के 244 मामले दर्ज

दिल्ली पुलिस ने सात जनवरी से 16 जनवरी के बीच आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के उल्लंघन के 244 मामले दर्ज किये हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। एक बयान के अनुसार इस अवधि के दौरान आबकारी अधिनियम सहित विभिन्न प्रावधानों के तहत कुल 9,558 लोगों को गिरफ्तार किया गया। बयान में कहा गया है कि पुलिस ने सीमा चौकियों पर सतर्कता बढ़ा दी है तथा हथियारों, शराब और मादक पदार्थों की तस्करी सहित अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई की है। दिल्ली पुलिस ने सात जनवरी से 16 जनवरी के बीच कथित एमसीसी उल्लंघन के 244 मामले दर्ज किए और 152 अवैध आग्नेयास्त्र तथा 110 कारतूस जब्त किए।

पुलिस ने 25,719 लीटर शराब और 62.21 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किये, जिनकी कीमत 14 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके अलावा 1,200 से अधिक प्रतिबंधित 'इंजेक्शन' भी जब्त किए गए। बयान में कहा गया है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने 1.84 करोड़ रुपये नकद और 37.39 किलोग्राम चांदी जब्त की है। दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए पांच फरवरी को मतदान होगा और मतों की गिनती आठ फरवरी को होगी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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