Lok Sabha Elections 2024: लोक सभा चुनाव नजदीक हैं और सभी पार्टियां इसकी तैयारी में लग गई है। नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने की रणनीति बना रही है। इसी योजना के तहत पार्टी की नजरें कुछ बड़े राज्यों पर है जिसमें यूपी-बिहार सबसे अहम है। इस चुनाव में पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिहार साबित होगा जहां एनडीए के सामने महागठबंधन है जिसमें नीतीश कुमार की जेडीयू, लालू यादव की आरजेडी और कांग्रेस शामिल है।
पीएम मोदी फूकेंगे बिहार में बिगुल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2024 के राष्ट्रीय चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले बिहार में तीन रैलियों को संबोधित कर सकते हैं। नीतीश कुमार के पाला बदलने से भारतीय जनता पार्टी यहां सरकार बनाने में नाकाम रही है। नीतीश के कदम के बाद भाजपा ने बिहार में सत्ता खो दी थी। बिहार से तीसरी सबसे अधिक 40 लोकसभा सीटें हैं। 2022 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) छोड़ दिया और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), कांग्रेस और वाम दलों के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। एनडीए ने बिहार में 2019 लोकसभा चुनाव में 39 सीटों पर जीत हासिल की थी।
शाह-राजनाथ-नड्डा की रैलियां
पीएम मोदी के अलावा केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा पूरे बिहार में रैलियों को संबोधित करेंगे। 22 जनवरी के बाद यात्रा कार्यक्रम तैयार होने की उम्मीद है। इस बीच बीजेपी की नजरें बिहार के यादव वोटों पर हैं और इसके लिए खास रणनीति तैयार हो रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव इस महीने यादव महासभा में अपने अभिनंदन के लिए बिहार जाने वाले हैं। एमपी में मोहन यादव की ताजपोशी बिहार-यूपी जैसे राज्यों में यादवों को लुभाने के बीजेपी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
मोहन यादव का होगा सम्मान
बीजेपी ने मोहन यादव के सम्मान में 18 जनवरी को पटना के एसकेएम मेमोरियल हॉल में एक विशाल समारोह आयोजित करने की योजना बनाई है। इसे राजनीतिक विश्लेषक राज्य में राजनीतिक रूप से अहम यादव जाति के मतदाताओं तक पहुंचने के लिए भगवा पार्टी की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। नवीनतम जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की कुल आबादी का 14% से कुछ अधिक हिस्सा रखने वाले यादवों को राजद प्रमुख लालू प्रसाद का पारंपरिक वोट बैंक माना जाता है। विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी आरजेडी वोटरों को बांटने की रणनीति के तहत मोहन यादव को आगे बढ़ा रही है।
आरजेडी का निशाना
इस बीच, राजद ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को राज्य में आमंत्रित करने के लिए बीजेपी का मजाक उड़ाते हुए पूछा कि क्या पार्टी ने बिहार से आने वाले यादव नेताओं पर विश्वास खो दिया है। खेल, कला, संस्कृति और युवा मामलों के राज्य मंत्री जितेंद्र कुमार राय ने कहा कि मोहन यादव को बिहार में आमंत्रित करने के बीजेपी के कदम का 2024 के चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। राजद मुस्लिम-यादव (एमवाई) की नहीं बल्कि ए टू जेड की पार्टी है। वहीं, बिहार बीजेपी ने कहा कि वह एमपी के सीएम को सम्मानित करना चाहती है क्योंकि वह एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता से राज्य में शीर्ष पद हासिल करने से प्रभावित है।
