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World AIDS Day 2022: विश्व एड्स दिवस कब और क्यों मनाते हैं थीम, महत्व व इतिहास

  • Authored by: नीलाक्ष सिंह
  • Updated Dec 1, 2022, 11:49 AM IST

World aids day 2022: आज विश्व एड्स दिवस है, इस मौके पर पढ़ें विश्व एड्स दिवस क्यों मनाते हैं, कैसे शुरुआत हुई, इस बार थीम क्या है, इसका महत्व और इतिहास भी जानें, क्योंकि इससे संबंधित सवाल परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

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विश्व एड्स दिवस: थीम, महत्व व इतिहास

विश्व एड्स दिवस कब और क्यों मनाया जाता है? World AIDS Day हर साल 1 दिसंबर को मनाया जाता है। विश्व एड्स दिवस को मनाए जाने का मुख्य दो कारण है, पहला दुनिया भर के लोगों को एचआईवी के खिलाफ लड़ाई में एक साथ लाना और दूसरा एचआईवी से ग्रस्त लोगों का समर्थन करना। इसके अलावा एड्स से मरने वालों को भी इस दिन याद किया जाता है और इस खतरनाक बीमारी के खिलाफ लोगों को जागरूक किया जाता है।

विश्व एड्स दिवस 2022 की थीम क्या है? विश्व एड्स दिवस हर साल राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है, इसके लिए हर साल थीम निर्धारित की जाती है। who.int के अनुसार, विश्व एड्स दिवस की थीम "Equalize" है। इस दिवस पर यूनाइटेड नेशंस, कई देश की सरकार और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियां मिलकर एचआईवी से संबंधित एक खास थीम पर अभियान चलाने के लिए एक साथ जुड़ते हैं। बता दें, एक्युलाइज का अर्थ 'समानता' होता है। इस साल की थीम से हमारे समाज में फैली हुई असमानताओं को दूर करके एड्स को पूरी तरह से खत्म करने पर कदम बढ़ाने पर जोर देना है।

एड्स का फुलफॉर्म क्या है? यह बीमारी जितनी प्रचलित है, उतना ही कम लोग इसका पूरा नाम जानते हैं, बता दें, अक्सर परीक्षा में इसका पूरा नाम पूछा जाता है। एड्स का पूरा नाम acquired immune deficiency syndrome यानी एक्वायर्ड इम्यूलनो डेफिसिएंशी सिंड्रोम है।

विश्व एड्स दिवस का इतिहास क्या है? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्थानीय और राष्ट्रीय अधिकारियों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और निजी नागरिकों के बीच सूचना साझा करने को बढ़ावा देने के लिए 1 दिसंबर 1988 को विश्व एड्स दिवस की स्थापना की। 1988 में, जब पहली बार विश्व एड्स दिवस मनाया गया था, तब एक अनुमान के अनुसार, 90,000 और 150,000 व्यक्ति एचआईवी पॉजिटिव थे। अगले 20 सालों में 33 मिलियन से अधिक लोग इस बीमारी की चपेट में आए। और 1981 के बाद से, जब एड्स का पहला मामला दर्ज किया गया था, उसके बाद से 25 मिलियन से अधिक लोग बीमारी से मर चुके हैं।

विश्व एड्स दिवस का महत्व? बीमारी के भयावह रूप लेने के कारण एड्स जागरूकता अभियान की जरूरत को महसूस किया गया और चआईवी/एड्स के बारे में समाजों को शिक्षित करने के लिए वैश्विक संगठनों को एकजुट करने और वित्त पोषण करने पर अधिक ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया गया। एड्स जागरूकता बढ़ाने और विश्वव्यापी स्तर पर एड्स की जानकारी को एकीकृत करने के लिए, UNAIDS ने 1997 में विश्व एड्स अभियान (WAC) की स्थापना की।

38.4 मिलियन लोग वर्तमान में हैं संक्रमित

who.int के अनुसार, डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार अब तक 38.4 मिलियन लोग इससे संक्रमित हैं। 2021 में, अनुमानित 1.5 मिलियन लोगों को एचआईवी हुआ और लगभग 650 000 लोग एड्स से संबंधित कारणों से मारे गए।

विश्व स्तर पर, अनुमानित 38.4 मिलियन लोग एचआईवी के साथ जी रहे हैं। 2021 में, अनुमानित 1.5 मिलियन लोगों को एचआईवी हुआ और लगभग 650 000 लोग एड्स से संबंधित कारणों से मारे गए। दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में अनुमानित 3.8 मिलियन लोग एचआईवी के साथ जी रहे हैं, जो वैश्विक स्तर का लगभग 10% है। 2021 में, इस क्षेत्र में अनुमानित 82,000 लोगों की मृत्यु एड्स से संबंधित कारणों से हुई, जो वैश्विक स्तर के 12% से अधिक के लिए जिम्मेदार है।

नीलाक्ष सिंह
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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