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Explained: ऑस्ट्रेलिया क्यों बनता जा रहा भारतीय छात्रों की पहली पसंद? जानें क्या है वजह

Indian Students are choosing Australia: बीते कुछ सालों में ऑस्ट्रेलिया भारतीय छात्रों की पहली पसंद बनता जा रहा है। वे अन्य देशों को छोड़कर ऑस्ट्रेलिया का रुख कर रहे हैं। ऐसे में जानने की कोशिश करते हैं कि इस फैसले के पीछे क्या वजह हो सकती हैं कि भारतीय छात्र अपना देश छोड़ विदेशों का... और विदेशों में भी ऑस्ट्रेलिया की तरफ क्यों आकर्षित हो रहे हैं...

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Australia is new favorite for indian students (iStock/Twitter)

Why Australia is new favorite for Indian Students: स्कूली शिक्षा के बाद हर छात्र का सपना होता है कि उसे बेहतर एजुकेशन मिले, जिससे भविष्य में नौकरी मिलने की संभावनाएं भी खूब बढ़ें। भारत में कई ऐसे संस्थान हैं, जो हायर एजुकेशन के लिए बेस्ट माने जाते हैं। मगर कई और बेहतर शिक्षा और संसाधनों की तलाश में युवा विदेश का रुख करते हैं। ग्लोबल लेवल पर एजुकेशन के लिए एक से बढ़कर एक संस्थान हैं और इन्हीं में से एक यूनिवर्सिटी है क्वीन्सलैंड। जिसे हाल ही में दुनिया के शीर्ष संस्थानों में से एक का दर्जा मिला है। इस यूनिवर्सिटी में कई भारतीय छात्र भी जाने का सपना देख रहे हैं। ऐसे में बीते कुछ सालों में ऑस्ट्रेलिया की ये यूनिवर्सिटी भारतीय छात्रों के लिए पसंदीदा अंतरराष्ट्रीय स्थल के रूप में उभरा है। मगर इस बीच सवाल ये कि आखिर अपना देश छोड़ भारतीय ऑस्ट्रेलिया का रुख कर क्यों रहे हैं। चलिये बात करते हैं उन बिंदुओं पर, जिनसे ये समझने में मदद मिलेगी कि भारतीयों के लिए पढ़ाई के उद्देश्य से ऑस्ट्रेलिया क्यों पसंदीदा देश बनता जा रहा है।

क्यों चर्चा में क्वीन्सलैंड यूनिवर्सिटी? (Queensland University of Australia)

वैसे तो ऑस्ट्रेलिया में कई सारे विश्वविद्यालय हैं मगर हाल ही में क्वीन्सलैंड यूनिवर्सिटी अपनी टॉप रैंकिंग को लेकर खूब चर्चा में रही। इस विश्वविद्यालय में एजुकेशन के साथ-साथ शैक्षिक प्रोग्राम को भी खूब महत्व दिया जाता है। साल 2025 में सब्जेक्ट्स के आधार पर हुई क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में क्वीन्सलैंड दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में शुमार हुई। यहां ब्रिसबेन, गोल्ड कोस्ट, टुबूम्बा और टाउन्सविले जैसे शहरों में इंटरनेशनल छात्रों को कुछ अतिरिक्त लाभ भी मिलते हैं। ग्रेजुएट छात्रों को यहां पढ़ाई पूरी होने के बाद एक और साल काम करने का मौका दिया जाता है, जिससे कि स्टूडेंट्स के वहीं बसने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

भारतीय छात्रों की पहली पसंद बन रहा ऑस्ट्रेलिया

Australia (Pixabey)

ऑस्ट्रेलिया की टॉप यूनिवर्सिटी में कितने भारतीय? (How many Indians studies in Australia)

सिडनी विश्वविद्यालय (Sydney University)

एक रिपोर्ट के मुताबिक इस यूनिवर्सिटी में साल 2022 तक भारत के 700 से भी ज्यादा छात्र थे। ये ऑस्ट्रेलिया का सबसे पुराना विश्वविद्यालय है, जिसकी स्थापना साल 1850 में हुई थी। ये दुनिया के टॉप 20 यूनिवर्सिटी में शुमार है और ऑस्ट्रेलिया के 6 सैंडस्टोन विश्वविद्यालयों में से एक है।

न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय University of New South Wales (UNSW)

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय में साल 2024 के डेटा के मुताबिक 1200 छात्र पढ़ रहे हैं। इस विश्वविद्यालय में कुल 21,000 से भी ज्यादा विदेशी छात्र हैं।

ऑस्ट्रेलिया की Federation Universiry में तकरीबन 6930 इंटरनेशनल स्टूडेंट्स हैं और इनमे 31 प्रतिशत भारतीय हैं। वहीं Melbourne Institte of Technology में अंतरराष्ट्रीय छात्रों में 24 प्रतिशत भारतीय छात्र हैं।

आखिर ऑस्ट्रेलिया में क्या है खास?

Australia (Pixabey)

क्वींसलैंड विश्वविद्यालय (Queensland University)

Study Queensland की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 तक क्वींसलैंड में हायर एजुकेशन में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 12,510 थी। वहीं साल 2023 में अंतरराष्ट्रीय छात्रों में से अकेले भारत के ही 16,000 से भी ज्यादा छात्र थे। इसके साथ ही 2022 में ये आंकड़ा कम था। भारत से उस साल लगभग 13,971 छात्र नामांकित हुए थे।

क्यों छात्रों की पहली पसंद बन रहा ऑस्ट्रेलिया? (Why Australia is becoming top choice for Indian Students)

ऑस्ट्रेलिया एक ऐसी जगह है, जहां छात्रों को क्वालिटी एजुकेशन, किफायती खर्च और करियर के बेहतर स्कोप मिल रहे हैं। ऐसे में ये कुछ पॉइंट्स ऑस्ट्रेलिया को भारतीय छात्रों की पसंदीदा डेस्टिनेशन बना रहे हैं। अन्य देशों के मुकाबले ऑस्ट्रेलिया में छात्रों को नए इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षित वातावरण और रहने के लिए किराए पर सस्ते घर और होमस्टे मिल जाते हैं। अगर वहां सैलरी की बात की जाए तो काम करने वाले वयस्कों को हर हफ्ते 1900 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से भी ज्यादा सैलरी मिलती है। इसके अलावा वहां एडवांस मैनुफैक्चरिंग, बायोमेडिकल साइंस, कृषि और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्रों में इंटर्नशिप और रोजगार के भी मौके मिलते हैं।

कैसे हैं भारत- ऑस्ट्रेलिया के संबंध? (India Australia Relations)

भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा संबंधों में लगातार मजबूती आ रही है। ऑस्ट्रेलिया-भारत इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट के बाद दोनों देशों के संबंधों में मजबूती आई है और लगातार रिसर्च, इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों का तेजी से विकास भी हो रहा है। क्वींसलैंड में अंतरराष्ट्रीय छात्रों में भारतीय स्टूडेंट्स की अच्छी खासी संख्या है।

ऑस्ट्रेलिया में कुल कितने भारतीय छात्र? (How many Indian Students in Australia)

ऑस्ट्रेलिया के डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन के साल 2024 के आंकड़े बताते हैं कि यहां के 43 विश्वविद्यालयों में लगभग 1 लाख 38 हजार से भी ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। ये संख्या ऑस्ट्रेलिया में पढ़ने वाले कुल विदेशी छात्रों का करीब 16 फीसदी हिस्सा है। चीन की बात करें तो उसका प्रतिशत भारत से ज्यादा यानी 20 प्रतिशत है। डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन (ऑस्ट्रेलिया) के मुताबिक साल 2022 में ऑस्ट्रेलिया में विदेशी छात्रों की संख्या पांच लाख को पार कर गई थी।

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