Who Is Deepak Dhar: भारत के जाने माने थ्योरिटिकल फिजिक्स के प्रोफेसर दीपक धर ने विज्ञान के क्षेत्र में देश का नाम एक बार फिर रोशन किया है। उन्हें इंटरनेशनल सेंटर फॉर थ्योरेटिकल फिजिक्स (ICTP) ने 2026 का डिराक मेडल देने का फैसला किया है। बता दें यह थ्योरेटिकल फिजिक्स के सबसे बड़े सम्मान में से एक है। वह इस साल यह सम्मान पाने वाले चार वैज्ञानिकों में शामिल हैं। उनके साथ बर्नार्ड डेरिडा, मार्क मेजार्ड और हाइम सोमपोलिंस्की को भी डिराक मेडल दिया जाएगा। बता दें दीपक की यह रिसर्च स्टेटिस्टिकल फिजिक्स (Statistical Physics), स्टेटिस्टिकल मेकेनिक्स (Statistical Mechanics) और कॉम्पलेक्स सिस्टम से जुड़ी है। उन्हें विशेषकर सैंडपाइल मॉडल (Sandpile Model) पर महत्वपूर्ण कार्य के लिए जाना जाता है।
इस मॉडल में रेत के ढेर का उदाहरण लेकर यह समझने की कोशिश की जाती है कि, किसी बड़े सिस्टम में छोटी छोटी घटनाएं किस तरह कभी कभी अचानक बड़े बदलाव का कारण बन सकती हैं।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से ताल्लुक
दीपक धर का जन्म 30 अक्टूबर 1951 उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में हुआ था। उनकी परवरिश हिंदी माध्यम के माहौल में हुई थी। कहा जाता है कि दीपक का मां हमेशा से चाहती थी कि वह एक आईएएस ऑफिसर बनें, लेकिन उनके पिता ने उनमें विज्ञान के प्रति जिज्ञासा जगाई और वे अक्सर घर पर विज्ञान की पत्रिकाएँ लाते थे। अंडरस्टैंडिंग साइंस' (Understanding Science) नाम की एक पत्रिका ने उन पर गहरा प्रभाव डाला।
दीपक धर की एजुकेशन क्वालिफिकेशन
दीपक धर के एजुकेशन क्वालिफिकेशन की बात करें तो उनकी शुरुआती पढ़ाई प्रतापगढ़ से हुई। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और फिर आईआईटी कानपुर से एमएससी की डिग्री हासिल की। फिर आगे की पढ़ाई के लिए वह अमेरिका के प्रतिष्ठित California Institute of Technology (Caltech) पहुंचे, जहां उन्होंने पीएचडी पूरी की। यहां उन्हें रिचर्ड फाइनमैन फलोशिप मिली। उन्होंने 1978 में अपनी PhD की डिग्री पूरी करने से पहले, उन्होंने खुद फाइनमैन के साथ मिलकर काम किया और उनके टीचिंग असिस्टेंट के तौर पर सेवाएं दी। इस अनुभव ने उन्हें अपने रिसर्च करियर की शुरुआत में ही बीसवीं सदी की भौतिकी से जुड़ी कुछ सबसे प्रभावशाली सोच के केंद्र में ला खड़ा किया।
बता दें दीपक ने अमेरिका में शानदार वैज्ञानिक करियर के अवसर होने के बावजूद भारत लौटने का फैसला किया और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR), मुंबई से अपने शोध करियर को आगे बढ़ाया।
क्या है डिराक मेडल
आप सभी के मन में सवाल होगा कि आखिर डिराक मेडल क्या है? बता दें डिराक मेडल इंटरनेशनल सेंटर फॉर थ्योरिटिकल फिजिक्स (ICTP) द्वारा दिया जाने वाला प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सम्मान है। इसकी शुरुआत 1985 में महान भौतिक विज्ञानी पॉल एड्रियन मौरिस डिराक के सम्मान में की गई थी। यह सम्मान थ्योरिटिकल फिजिक्स के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वैज्ञानिकों को दिया जाता है। इसके कई पूर्व विजेता आगे चलकर नोबेल पुरस्कार और अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी हासिल कर चुके हैं।
