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UPSC Prelims 2026: 24 मई को यूपीएससी प्रीलिम्स, पहली बार अभ्यर्थियों को मिलेगी प्रोविजनल आंसर की

प्रोविजनल आंसर-की जारी होने के बाद सिविल सेवा परीक्षा के अभ्यर्थी 31 मई 2026 शाम 6 बजे तक अपनी आपत्तियां या सुझाव दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए आयोग ने एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल “ऑनलाइन क्वेश्चन पेपर रिप्रेजेंटेशन पोर्टल (QPRep)” उपलब्ध कराया है, जो UPSC Online Portal पर उपलब्ध होगा।

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UPSC Prelims 2026 Answer Key

UPSC Prelims Provisional Answer Key : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने पहली बार यह निर्णय लिया है कि सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा–2026 की प्रोविजनल आंसर-की परीक्षा आयोजित होने के तुरंत बाद जारी की जाएगी। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और परीक्षा संचालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखना है।

क्या बोले यूपीएससी अध्यक्ष ?

इसे 'नई शुरुआत' बताते हुए यूपीएससी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने कहा, 'पहली बार संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा की प्रोविजनल आंसर-की जारी करेगा। यह पहल आयोग के पारदर्शिता, जवाबदेही और अभ्यर्थियों के साथ समयबद्ध संवाद स्थापित करने के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।'

उन्होंने आगे कहा, इस नीति का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सहभागी बनाना है, साथ ही इसकी पवित्रता, निष्पक्षता और मेरिट आधारित ढांचे को बनाए रखना भी है।

आपत्ति दर्ज कराने की आखिरी डेट

प्रोविजनल आंसर-की जारी होने के बाद सिविल सेवा परीक्षा के अभ्यर्थी 31 मई 2026 शाम 6 बजे तक अपनी आपत्तियां या सुझाव दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए आयोग ने एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल 'ऑनलाइन क्वेश्चन पेपर रिप्रेजेंटेशन पोर्टल (QPRep)' उपलब्ध कराया है, जो UPSC Online Portal पर उपलब्ध होगा।

अभ्यर्थी अपनी समझ के अनुसार सही उत्तर का उल्लेख करते हुए संक्षिप्त विवरण और तीन प्रामाणिक स्रोतों से संबंधित दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे। इससे उम्मीदवारों को परीक्षा में अपने प्रदर्शन का प्रारंभिक और सूचित आकलन करने का अवसर मिलेगा, साथ ही अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय भी मिलेगा।

आपत्तियों को देखेगी एक्सपर्ट्स की टीम

अभ्यर्थियों से प्राप्त सभी प्रस्तुतियों को विषय विशेषज्ञों की टीम के समक्ष रखा जाएगा। ये विशेषज्ञ प्रत्येक आपत्ति और उससे जुड़े दस्तावेजों की गहन समीक्षा करेंगे तथा संबंधित प्रश्नों की आंसर-की की शुद्धता पर अपना विचार दर्ज करेंगे। सभी प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद ही अंतिम आंसर-की जारी की जाएगी।

यह नया सुधार लंबे समय से अभ्यर्थियों द्वारा उठाई जा रही प्रोविजनल आंसर-की जारी करने की मांग को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है। आयोग ने कहा कि यह कदम पारदर्शिता, जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में अभ्यर्थियों के विश्वास को और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

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