UPSC Reservation Percentage, Policy Criteria in hindi, Who is IAS officer Puja Khedkar: ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर पिछले कई दिनों से मीडिया में छाई हुई हैं। 2022 बैच की महाराष्ट्र कैडर की अधिकारी पूजा खेडकर ने यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा में 841वीं रैंक हासिल की थी। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की परिवीक्षाधीन पूजा खेडकर अपनी अनुचित मांगों को लेकर सुर्खियों में आई हैं। Probationary IAS officer Puja Khedkar अनुशासनहीनता सहित कई विवादों में उलझी हुई हैं, जानें पूरा मामला
Puja Khedkar ने कथित तौर पर एक डीसीपी पर चोरी के मामले में गिरफ्तार अपने एक रिश्तेदार को रिहा करने का दबाव बनाया। इसके अलावा उन पर कुछ अनुचित मांगो का भी आरोप है जैसे Puja Khedkar ने अपनी निजी ऑडी ए4 कार पर लाल-नीली बत्ती का इस्तेमाल किया। Puja Khedkar ने सरकारी आवास, ऑफिस और गाड़ी की मांग की, इस मालमें में जांच चल रही है, जिसमें सामने आया कि Puja Khedkar ने UPSC परीक्षा में रिजर्वेशन का फायदा उठाया है।
रिजर्वेशन पॉलिसी के बारे में तो आप जानते हैं कि सरकारी प्रतियोगी परीक्षा में कुछ वर्ग को निश्चित आरक्षण दिया जाता है, इसी तरह संघ लोक सेवा आयोग की भी परीक्षाओं में रिजर्वेशन पॉलिसी है। अगर आप इस बारे में नहीं जानते तो आपको यह खबर पूरी पढ़ना चाहिए।
ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर को मिला था आरक्षण?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Trainee IAS officer Puja Khedkar के पिता दिलीप खेडकर पुणे में सहायक कलेक्टर के तौर पर सेवा दे चुके हैं। Probationary IAS officer Puja Khedkar की मां अहमदनगर जिले के भालगांव की सरपंच हैं। Puja Khedkar के दादा भी प्रशासनिक सेवा में रह चुके हैं, इसके बावजूद IAS officer Puja Khedkar ने यूपीएससी में ओबीसी-एनसीएल का सर्टिफिकेट लगाकर रिजर्वेशन का लाभ लिया है। उन्होंने दृष्टिबाधित श्रेणी का मेडिकल सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया।
UPSC Reservation Policy Kya Hai: यूपीएससी रिजर्वेशन पॉलिसी क्या है?
अगर आप एससी/ एसटी वर्ग से हैं आपको 5 साल का अतिरिक्त समय दिया जाएगा, यदि आप ओबीसी से हैं तो 3 साल, यदि आप डिफेंस में हैं तो 3 साल और यदि आप दिव्यांगजन हैं तो 3 साल का अतिरिक्त समय अप्लाई करने के लिए मिलेगा।
Eligibility Criteria for Reservation Category: आरक्षण श्रेणी के लिए पात्रता क्या है?
निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करने वाले यूपीएससी में आरक्षण का पात्र माना जाएगा:-
1- आवेदक की जाति को केंद्र सरकार द्वारा प्रकाशित आरक्षित समुदायों की लिस्ट में होना चाहिए।
2- अगर आवेदक ओबीसी हैं तो उसे गैर-क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट जमा करना होगा।
3- अगर आवेदक ईडब्ल्यूएस श्रेणी मेंं आता है, तो उसे केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित आय और संपत्ति मानदंडों को पूरा करना होगा।
आवेदक के पास आरक्षण से जुड़े सभी ओरिजनल प्रमाणपत्र होना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय वह उसे दिखा जाए।
IAS Puja Khedkar के मामले में खेडकर की तरफ से कोई खास स्टेटमेंट अभी तक नहीं आया है। हालांकि उन्होंने हाल ही में कहा था कि 'उन्हें मीडिया से कुछ भी कहने का अधिकार नहीं है। वह केंद्र द्वारा नियुक्त पैनल के समक्ष अपनी बात रखेंगी।'
